Kamthi Road Metro Traffic: नागपुर शहर के कामठी रोड स्थित नाका नंबर-2 क्षेत्र प्रशासन की लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरनाक केंद्र बनता जा रहा है। पीली नदी से कन्हान तक पिछले करीब 2 वर्षों से मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है जिससे सड़क काफी संकरी हो गई है। इसके साथ ही खराब यातायात प्रबंधन, अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और वाइन शॉप के सामने खुलेआम शराबखोरी के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है।
उप्पलवाड़ी अंडरपास से लेकर नाका नंबर-2 और आगे भिलगांव तक सुबह-शाम भीषण ट्रैफिक जाम लगता है। कई बार मरम्मत के बावजूद उप्पलवाड़ी अंडरपास की हालत में सुधार नहीं हुआ। नतीजतन वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और छोटे-मोटे हादसे रोज की बात हो गई है।
कन्हान, कामठी, रनाला, खैरी, कवठा, खसाला, म्हसाला और भिलगांव जैसे गांवों से हजारों लोग रोज रोजगार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए नागपुर आते-जाते हैं लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाका नंबर-2 पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
मेट्रो प्रशासन ने ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए अपने कर्मचारियों को तैनात किया है जो सीटी और झंडे के जरिए वाहनों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं लेकिन वाहन चालक उनकी बात नहीं मानते। नागरिकों का कहना है कि यदि सुबह और शाम यहां नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस तैनात की जाए तो यातायात व्यवस्था सुधर सकती है। फिलहाल यहां ट्रैफिक पुलिस बहुत कम दिखाई देती है।
उप्पलवाडी अंडरपास के आसपास गैराज, सेकंड हैंड टायर विक्रेता और कबाड़ वाहनों के कारोबारियों ने फुटपाथ और सड़क के बड़े हिस्से पर कब्जा कर रखा है। इसके कारण कई दोपहिया चालक फुटपाथ पर ही वाहन चलाने लगते हैं जिससे पैदल चलने वालों की जान खतरे में पड़ जाती है।
नाका नंबर-2 से कामठी की ओर आगे स्थित एक वाइन शॉप के सामने हर दिन अव्यवस्था का माहौल रहता है। यहां फुटपाथ और सड़क किनारे दोपहिया और चारपहिया वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े किए जाते हैं। कई लोग शराब खरीदकर वहीं फुटपाथ, खाली जगह और सड़क किनारे बैठकर खुलेआम शराब पीते हैं।
पास में पानी और खाने की चीजे वाली दुकानों के कारण यह स्थान मानो 'ओपन बार बन गया है। इससे ट्रैफिक बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, सबसे गंभीर बात यह कि इस रास्ते से गुजरने वाली महिलाओं और परिवारों को असहज और शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ता है। शहर के कुछ अन्य वाइन शॉप्स के बाहर भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिलती है जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
करीब 2 वर्ष पहले जब मेट्रो का काम शुरू हुआ था तब कुछ दिनों तक शाम के समय वाइन शॉप के सामने पुलिस की तैनाती की गई थी। उस दौरान सड़क पर अवैध पार्किंग और खुलेआम शराब पीने पर रोक लगी थी लेकिन केवल 4 दिन बाद पुलिस हट गई और फिर पहले जैसी अव्यवस्था लौट आई। इससे लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि प्रशासन की कार्रवाई केवल दिखावा थी या वास्तव में व्यवस्था सुधारने की कोई गंभीर मंशा नहीं थी।