नागपुर न्यूज 
नागपुर

चिता जलाने गए थे, खुद जल गए 5 लोग! एक की मौके पर मौत, नागपुर के वाठोड़ा श्मशान घाट पर मचा हड़कंप

Nagpur Funeral Accident: नागपुर के वाठोड़ा दहनघाट पर चिता में डाले गए डीज़ल से भड़की आग में 5 रिश्तेदार झुलसे। 66 वर्षीय विनोद मुनघाटे की उपचार के दौरान मौत।

प्रिया जैस

Cremation Ground Fire Nagpur: नागपुर के वाठोड़ा दहनघाट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। अंत्यविधि के लिए चिता पर डाले गए डीजल में आग भड़क गई। इससे 5 रिश्तेदार झुलस गए। एक की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि एक की हालत चिंताजनक बताई गई। मृतक कर्वेनगर, वर्धा रोड निवासी विनोद पुंडलिकराव मुनघाटे (66) बताए गए।

जख्मियों में ज्ञानेश्वर गायकवाड़, सोपान गायकवाड़, अशोक मुनघाटे, विट्ठल पसारकर का समावेश है। पुलिस ने विनोद के भांजे साकेत गेडाम की सूचना पर आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया। विगत 15 नवंबर को साकेत की मौसी वाठोड़ा निवासी सुशीलाबाई हरीभाऊ मुनघाटे (83) का निधन हो गया था। शाम 4 बजे उनका शव अंत्यविधि के लिए वाठोड़ा दहन घाट ले जाया गया।

डीजल के कारण उठी जोरदार लपटें

बड़ी संख्या में रिश्तेदार भी वहां उपस्थित थे। शव को अग्नि देने के लिए चिता पर डीजल भी डाला गया था। विनोद सहित अन्य करीबी रिश्तेदार चिता के बगल में ही खड़े थे और अंत्यविधि की प्रक्रिया की जा रही थी। अग्नि देते समय डीजल के कारण जोरदार लपटें उठीं। आस-पास खड़े रिश्तेदारों के कपड़ों में भी आग लग गई। पांचों बुरी तरह झुलस गए। सभी को उपचार के लिए तत्काल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया।

विनोद बुरी तरह झुलसे थे। उनकी हालत चिंताजनक होने के कारण निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अन्य 3 की स्थिति ठीक होने के कारण उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। ज्ञानेश्वर और विनोद का उपचार जारी था। बुधवार को डॉक्टर ने विनोद को मृत घोषित कर दिया। ज्ञानेश्वर की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर वाठोड़ा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया।

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा