नागपुर अग्नि सुरक्षा, दमकल देरी,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

20 मिनट की देरी ने खोली सिस्टम की पोल, नागपुर में अग्नि सुरक्षा पर खतरा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Nagpur Fire Station Delay: नागपुर के व्यस्त इलाकों में अग्नि सुरक्षा पर संकट। गंजीपेठ फायर स्टेशन निर्माण के बीच अस्थायी व्यवस्था से दमकल की प्रतिक्रिया में देरी, सुरक्षा पर सवाल।

अंकिता पटेल

Nagpur Fire Safety: नागपुर शहर के सबसे घनी आबादी वाले और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की अग्नि सुरक्षा इस समय रामभरोसे नजर आ रही है। गंजीपेठ के पुराने फायर स्टेशन (अग्निशमन केंद्र) के स्थान पर नई इमारत का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन प्रशासन द्वारा की गई अस्थायी व्यवस्था के कारण आपात स्थिति में दमकल की गाड़‌यिों को पहुंचने में भारी देरी हो रही है।

हाल ही में हुई एक घटना ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है, जहां स्टेशन से कुछ ही दूरी पर लगी आग को बुझाने के लिए दमकल को पहुंचने में 20 मिनट लग गए। सत्ता पक्ष नेता वाल्या बोरकर ने लकड़गंज फायर स्टेशन के निर्माण में ठेकेदार द्वारा नियम विरुद्ध किसी अन्य (सबलेटिंग) से काम कराने का भी गंभीर आरोप लगाया। महापौर ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तुरंत निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गाड़ीखाना की अस्थायी व्यवस्था साबित हो रही नाकाफी

प्रशासन ने गंजीपेठ की पुरानी इमारत को तोड़कर फायर स्टेशन को अस्थायी रूप से गाड़ीखाना स्थित मनपा स्कूल में शिफ्ट किया है। अग्निशमन विभाग के सहायक आयुक्त अशोक गरोटे का कहना है कि स्कूल का गेट बड़ा कर दिया गया है ताकि गाड़यिां आसानी से निकल सकें लेकिन जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सड़क के बीच मौजूद डिवाइडर के कारण दमकल की बड़ी गाड़‌यों को मोड़ने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पार्षद बंडू राऊत ने मांग की कि नई इमारत बनने तक कम से कम 20 फुट का डिवाइडर हटाया जाए, ताकि आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके।

वैकल्पिक व्यवस्था और ठेकेदार पर उठे सवाल

सदन में यह भी सुझाव दिया गया कि मुख्य सड़क पर स्थित 'सोता भवन' में कम से कम 1 या 2 गाड़‌यां आपातकाल के लिए खड़ी की जाएं ताकि 3-4 मिनट के नियम का पालन हो सके। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोता भवन की इमारत जर्जर हो चुकी है और वहां एक नया व्यावसायिक परिसर प्रस्तावित है, इसलिए वहां जगह उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, निर्माण कार्य की अवधि को लेकर भी तीखी बहस हुई।

रिस्पांस टाइम के नियमों की उड़ रहीं धज्जियां

नेशनल बिल्डिंग कौड़ 2016 के कड़े दिशानिर्देशों के अनुसार आग लगने की सूचना मिलने के 3-4 मिनट के भीतर दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचना अनिवार्य है, नगरसेवक खान ने सदन को बताया कि 10 दिन पहले पुराने फायर स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एमएसईबी में सुबह 7:30 बजे आग लग गई।

सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ी को वहां पहुंचने में 20 मिनट का समय लग गया, इससे पहले गांधीबाग क्षेत्र में भी दमकल के देर से पहुंचने के कारण जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

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