नागपुर जिला अस्पताल (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

'सुपर स्पेशलिटी' हब बनेगा नागपुर जिला अस्पताल! CT स्कैन-MRI और क्रिटिकल केयर की मिलेगी सुविधा

Nagpur District Hospital: नागपुर जिला अस्पताल में 100 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल तैयार। एमआरआई, सीटी स्कैन और 50 बेड का आयुष अस्पताल भी होगा शुरू। एक ही छत के नीचे मिलेगा पूरा इलाज।

प्रिया जैस

Ayush Hospital Nagpur: कम समय में अधिकाधिक आधुनिक सुविधाओं से सुसज्ज जिला अस्पताल सिटी सहित ग्रामीण के हजारों मरीजों की जरूरतों को पूरा कर रहा है। परिसर में ही 100 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल भी बन रहा है। इसमें सभी विभागों के आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होगी। एमआरआई, सीटी स्कैन मशीनें उपलब्ध होने से मरीजों को भटकने की नौबत नहीं आएगी।

एक ही परिसर में सभी तरह के टेस्ट के साथ ही उपचार हो सकेगा। फिलहाल जिला अस्पताल 100 बेड की क्षमता के साथ शुरू हुआ है। दिनोंदिन ओपीडी भी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में ओपीडी 600-700 तक पहुंच गई है। इमरजेंसी में भी 24 घंटे मरीज भर्ती किये जा रहे हैं। इन दिनों परिसर में ही क्रिटिकल केयर अस्पताल का काम चल रहा है। इसमें 100 बेड की व्यवस्था होगी।

अधिकाधिक मरीजों को मिल सकेगा लाभ

सभी विभागों के आईयूसी उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को भर्ती करने में आसानी होगी। इसके लिए सीटी स्कैन मशीन और एमआरआई मशीन के लिए प्रशासकीय मंजूरी मिल गई है। अगले वर्ष क्रिटिकल केयर अस्पताल शुरू हो जाएगा। इसके बाद मरीजों की सभी तरह की जांच एक ही परिसर में हो सकेगी। अलग-अलग जांच के लिए भटकने की नौबत नहीं आएगी। इससे अधिकाधिक मरीजों को लाभ मिल सकेगा।

100 तक पहुंची नेत्र विभाग की ओपीडी

डागा अस्पताल का नेत्र विभाग बंद होने के बाद जिला अस्पताल में 40 बेड का नेत्र विभाग बनाया गया है। ओपीडी के साथ ही अब ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पिछले सप्ताह करीब 10 मरीजों के ऑपरेशन किये गये। भविष्य में लोगों को जानकारी होने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी। नेत्र विभाग का लाभ ग्रामीणों के साथ ही आसपास के शहरी भाग के मरीज भी ले रहे हैं। विभाग में अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

आयुष अस्पताल के साथ 300 बेड की क्षमता

इन दो नये अस्पतालों के साथ ही परिसर में आयुष अस्पताल भी बनाया जा रहा है। इसकी क्षमता 50 बेड की होने वाली है। इस अस्पताल के बाद जिला अस्पताल की कुल क्षमता 300 बेड की हो जाएगी। आयुष अस्पताल में पारंपरिक वैद्यक चिकित्सा पद्धति उपलब्ध होने से मरीजों के सामने दोनों तरह के ऑप्शन होंगे।

  • 100 बेड का होगा नया क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल
  • 40 बेड का हुआ नेत्र विभाग
  • 50 बेड का होगा आयुष अस्पताल
  • 700 तक पहुंची ओपीडी

एक ही जगह पर सभी तरह की सुविधा वाला जिला अस्पताल राज्य के लिए एक मॉडल बन जाएगा। शहर सहित जिले की जनसंख्या बढ़ने से शासकीय स्तर पर एक अस्पताल की जरूरत थी। जिला अस्पताल इस जरूरत को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है।

अधिकाधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन का एक मात्र उद्देश्य है। सरकार द्वारा निधि में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं की जा रही है। पश्चिम, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम नागपुर सहित जिले के ग्रामीण भागों के नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों को पूरी करने की दिशा में हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। भविष्य में अस्पताल की क्षमता में और वृद्धी होगी।

- डॉ. निवृति राठौड़, जिला शल्य चिकित्सक

नेत्र विभाग में अब ऑपरेशन शुरू हो गये हैं। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। केवल शहरी ग्रामीण भागों के मरीजों को भी लाभ मिल रहा है। पिछले सप्ताह विभाग में करीब 10 लोगों के ऑपरेशन किये गये। जैसे-जैसे लोगों को जानकारी होगी, ऑपरेशन की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। यह अस्पताल निर्धन व जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित होगा।

- डॉ. नितिन गुल्हाने, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से दिनेश टेकाड़े की रिपोर्ट

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