Nagpur Dhol Tasha Pathak: आर्थिक,राजनीतिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक तौर पर देश में हमेशा अपनी एक अलग छाप छोड़ने वाले महाराष्ट्र ने एक बार फिर देश का नाम उंचाई पर पहुंचाया है। दरअसल महाराष्ट्र के नागपुर शहर में रविवार को एक नया और अनोखा इतिहास रचा गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में 4000 से अधिक युवक-युवतियों ने एक साथ ढोल और ताशा वादन कर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। इस सांस्कृतिक महासंगम को आधिकारिक रुप से एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री के गृह जिले नागपुर में आयोजित 'Gen Z' संवाद कार्यक्रम के में विदर्भ के तमाम शहरों से 200 से अधिक ढोल-ताशा पथकों को एक मंच पर आमंत्रित किया गया था। इस शानदार आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व 585 ध्वजधारकों ने अपने-अपने दल के साथ किया। 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर इस पूरे आयोजन का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड बनने के बाद आयोजकों को आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के युवाओं (Gen Z) के साथ सीधा संवाद भी किया। उन्होंने युवाओं के इस सांस्कृतिक उत्साह की जमकर सराहना की और कहा कि महाराष्ट्र की ढोल-ताशा परंपरा केवल एक वादन कला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक ऊर्जा का प्रतीक है।
इस वक्त सीएम फडणवीस ने कहा कि आप सबने आज देखा होगा कि जेन-जी और महाराष्ट्र के युवा यहां मौजूद थे। किसी के लिए गाड़ी की व्यवस्था नहीं की गई और किसी को पैसा नहीं दिया गया। सभी लोग खुद से आए थे। कुल 1.25 लाख लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। खास तौर पर महाराष्ट्र की ढोल की परंपरा को दिखाते हुए 585 ध्वजधारकों की टीम ने हिस्सा लेकर यहां एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। शिक्षा हो, कौशल हो, स्टार्टअप हो, स्पोर्ट्स हो, कला हो हर चीज में एक बड़ी सहभागिता, हमारे जेन-जी की दिशा क्या है, यह दिखाने वाला यह कार्यक्रम था।"