महिला आरक्षण बिल (प्रतिकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर में कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला सशक्तिकरण पर घमासान, बिल लागू करने की मांग

Nagpur Women Reservation Bill: नागपुर में कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की। प्रवक्ता अवनी बंसल ने केंद्र सरकार पर देरी का आरोप लगाते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा।

अंकिता पटेल

Nagpur Women Quota Demand: नागपुर शहर में कांग्रेस अब महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने की मांग केन्द्र सरकार से कर रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कम्युनिकेशन विभाग द्वारा देशभर में 27 सीटों पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नागपुर के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस परिषद में प्रवक्ता अवनी बंसल ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में कांग्रेस और पूरे विपक्ष के समर्थन से पारित हुआ था, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।

यदि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है तो महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बिल पहली बार राज्यसभा में पारित हुआ था, लेकिन लोकसभा में बहुमत के अभाव में पारित नहीं हो सका था।

वर्ष 2014 में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसे लागू करने की मांग की थी लेकिन इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया गया।

प्रेस परिषद में शहर उपाध्यक्ष दिनेश बानाबाकोडे, मनपा में विपक्ष नेता संजय महाकालकर, कुंदा राऊत, संगीता तलमले, अतुल कोटेचा, संदेश सिंगलकर, मुजीब पठान उपस्थित थे। बंसल ने सवाल किया कि महिला आरक्षण के मुद्दे को परिसीमन जैसे जटिल संवैधानिक विषय से जोड़ने की क्या आवश्यकता थी।

भाजपा महिला सशक्तिकरण के मुद्दे का केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। भाजपा वास्तव में गंभीर है, तो वर्तमान 543 सीटों के आधार पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।

संघ ने महिलाओं को क्यों नहीं दिया स्थान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सवाल दागते हुए कहा कि अपने मुख्य संगठन में संघ ने महिलाओं को क्यों शामिल नहीं किया। भाजपा महिलाओं के अधिकारों के मुद्दों पर तब मौन रहती है जब हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने की बात आती है या जब महिला खिलाड़ियों ने सड़क पर उतरकर ब्रजभूषण सिंह को हटाने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का महिलाओं के अधिकारों को लेकर मजबूत इतिहास रहा है। संविधान संशोधनों के माध्यम से नगर पालिका और पंचायत स्तर पर 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 15 लाख महिलाएं निर्वाचित हुईं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण आधी आबादी का अधिकार है।

यह दया नहीं बल्कि अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने सभी महिलाओं से राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर महिलाओं के बीच जाएगी, जनजागरण अभियान चलाएगी और आंदोलन की गति को और तेज करेगी।

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