एग्रोविजन का उद्घाटन (सौजन्य-IANS) 
नागपुर

नागपुर में संतरे के लिए बनेगा 70 करोड़ का ‘क्लीन प्लांट सेंटर’, दूध और फसल बीमा पर एक साथ बड़े ऐलान

Nagpur Clean Plant Center: नागपुर में 70 करोड़ रुपये का ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ बनेगा। फसल बीमा का दायरा बढ़ाया गया, महिलाओं के ‘लखपति’ बनने पर जोर और एनडीडीबी के नए प्रकल्पों का ऐलान।

प्रिया जैस

Nagpur Agrovision 2025: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 70 करोड़ रुपये की लागत से संतरे के लिए नागपुर में 'क्लीन प्लांट सेंटर' शुरू किया जाएगा। इससे क्षेत्र के संतरा किसानों को गुणवत्ता वाली पौध (नर्सरी) उपलब्ध कराई जा सकेगी। किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे मिलेंगे तो संतरा उत्पादन में बड़ा सुधार संभव है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि नागपुर संतरा उद्योग को भी नई मजबूती मिलेगी।

कई बार किसान अनजाने में नर्सरी से वायरस वाले पौधे ले आते हैं, जिसका असर 2 से 4 साल बाद दिखता है और फसल खराब होने पर किसान बर्बाद हो जाता है। इसे रोकने के लिए सरकार अच्छी नर्सरी की पहचान कर उन्हें तकनीकी और आर्थिक मदद देगी। अच्छी गुणवत्ता वाले 'क्लीन प्लांट' तैयार करने वाली बड़ी नर्सरी को 4 करोड़ और मध्यम या छोटी नर्सरी को 2 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी।

वे एग्रोविजन-2025 कृषि प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एग्रोविजन के मुख्य प्रमोटर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की। आयोजन सचिव रवि बोरटकर ने स्वागत भाषण दिया।

बढ़ाया जा रहा फसल बीमा योजना का दायरा

कृषि मंत्री ने कहा कि अब पीएम फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत जलभराव और जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई भी बीमा योजना के माध्यम से की जाएगी। आलू, प्याज, टमाटर जैसी फसल उगाने व स्थानीय स्तर पर ठीक दाम नहीं मिलने पर बड़े शहरों में ले जाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन का भाड़ा बहुत ज्यादा लगने जैसी किसानों की दिक्कतें दूर करने के लिए केंद्र ने योजना बनाई है। इसके तहत इन उपज परिवहन का सारा खर्चा केंद्रीय कृषि विभाग उठाएगा। कृषि मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसान जीवनदाता हैं और उनकी सेवा ही उनकी जिंदगी का मिशन है।

महिलाओं का 'लखपति' बनना जरूरी

चौहान ने महिला कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश में अलग-अलग राज्यों की सरकारें ‘बहना’ योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ताकत को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता और यह जरूरी है कि बहनें आर्थिक रूप से लखपति बनें। एग्रोविजन इस दिशा में नई शुरुआत कर रहा है। जिसमें महिलाओं को कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। गडकरी ने कहा कि जिस तरह स्पेन में फॉर्मर बिजनेस स्कूल हैं, उसी तर्ज पर अमरावती रोड स्थित पीडीकेवी मैदान के एग्रो कन्वेंशन सेंटर में विश्व स्तरीय फॉर्मर बिजनेस स्कूल तैयार किया जा रहा है। इसका लाभ न केवल विदर्भ बल्कि देश भर के किसानों को मिलेगा।

बूटीबोरी में पशु चारा प्रकल्प का भूमिपूजन

एनडीडीबी के प्रमुख मिनेश शाह ने कहा कि मराठवाड़ा और विदर्भ के 199 जिलों से प्रतिदिन 6 लाख लीटर दूध एनडीडीबी द्वारा एकत्रित किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में डेयरी उद्योग तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। विदर्भ में एनडीडीबी का कार्य वर्ष 2016 में शुरू किया गया था और अगले वर्ष इसी मंच पर 6 लाख लीटर क्षमता वाले संयंत्र का उद्घाटन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बूटीबोरी में पशुओं के चारा प्रकल्प का भूमिपूजन किया गया है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि किसानों को अच्छे प्रयोग करने चाहिए, बेहतर किस्में अपनानी चाहिए और खेती के साथ जोड़ व्यवसाय करना चाहिए।

इस अवसर पर मंत्री आशीष जायसवाल, सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, सुधीर मुनगंटीवार, आरटीएमएनयू कुलगुरु माधवी खोडे, पीडीकेवी कुलगुरु शरद गडाख, माफसू के कुलगुरु नितिन पाटिल, उद्योगपति सागर कौशिक, महिंद्रा के अध्यक्ष विजय राम नाकरा, गिरीश गांधी, रमेश मानकर, सुधीर दिवे, विजय जाधव, कैप्टन एलबी कलंत्री, समय बंसोड़, प्रशांत कुकडे, डॉ. हितेंद्र सिंह तथा नितिन कुलकर्णी उपस्थित थे।

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