बुनियादी ढांचा मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे में बदलाव, नये एलाइनमेंट को फडणवीस सरकार ने दी मंजूरी, किए ये चेंजेस

Nagpur Chandrapur Expressway: महाराष्ट्र मंत्रिमंडलीय बुनियादी ढांचा समिति ने नागपुर–चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे के नए 204 किमी एलाइनमेंट को मंजूरी दी। सीएम ने गतिशक्ति पोर्टल आधारित अनुमोदन अनिवार्य किया।

प्रिया जैस

Maharashtra Cabinet Infrastructure Committee: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडलीय बुनियादी ढांचा समिति की बैठक में नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार के ‘गतिशक्ति पोर्टल’ से मिले सुझावों पर विचार करते हुए कुल 204 किलोमीटर लंबाई के संशोधित सड़क एलाइनमेंट को मंजूरी दी गई।

इसके अलावा मुंबई शहर के घाटकोपर पूर्व, चेंबूर और अंधेरी (प.) आंबिवली मुद्रण कामगारनगर व चूनाभट्टी में भूखंडों के निजीकरण के माध्यम से विकास की समय सीमा बढ़ाने को भी मंगलवार की बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह भोंसले और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ-साथ प्रस्तावित परियोजनाओं को भी ‘गति शक्ति पोर्टल’ से मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना ‘गतिशक्ति पोर्टल’ से मंजूरी मिलने के बाद ही समिति की बैठक के सामने आनी चाहिए।

एलाइनमेंट में बदलाव

संशोधित एलाइनमेंट के बाद नागपुर से चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर सेलडोह इंटरचेंज से दुर्ग-हैदराबाद महामार्ग पर नवेगांव (मोर) तक किया जाएगा।

  • मार्ग की लंबाई : नए मुख्य मार्ग की लंबाई 192 किलोमीटर होगी।
  • चंद्रपुर कनेक्टिंग रोड : 11 किलोमीटर लंबाई का चंद्रपुर जोड़ने वाला मार्ग पिछली एलाइनमेंट के अनुसार ही रखा गया है।
  • कुल संशोधित लंबाई : इस प्रकार कुल 204 किलोमीटर लंबाई के संशोधित सड़क एलाइनमेंट को मंजूरी दी गई है।
  • पर्यावरण लाभ : संशोधित सड़क एलाइनमेंट के कारण 27 हेक्टेयर वन क्षेत्र के अधिग्रहण में बचत होगी।

स्ट्रेचर पर लेटे दिखे कैप्टन स्मित मच्छार, फ्लाईदुबई हमले के बाद पहला VIDEO

गुजरात कर रहा क्लेम तो महाराष्ट्र बोल रहा मुंबई का पुत्र, आखिर कहां से हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

ज्ञानेश कुमार पर बवाल के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी का VRS, आरएस गोपालन ने बताई इस्तीफे की वजह

कुमाऊं में भीषण भूस्खलन, भरभराकर गिरा पहाड़, उत्तराखंड के 7 पर्वतीय जिलों में बारिश का अलर्ट

भारत के लिए अक्टूबर कूटनीति का व्यस्त महीना, जानें कौन-सी तारीखें हैं बेहद खास