Nagpur Ambazari Lake Mayor Neeta Thakre Water Cleaning Drive: नागपुर शहर के ऐतिहासिक अंबाझरी तालाब को जलकुंभी (जलपर्णी) के चंगुल से मुक्त करने और इसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए महापौर नीता ठाकरे ने गुरुवार सुबह तालाब परिसर का निरीक्षण किया। तालाब में जलकुंभी के कारण होने वाले जल प्रदूषण और प्राकृतिक नुकसान को रोकने के लिए महापौर ने प्रशासन को
मशीनरी का अधिक उपयोग करके सफाई अभियान को और तीव्र करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को मानसून से पहले पूरी तरह से जलकुंभी हटाने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा है। इसमें उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति की सभापति शिवानी दाणी और मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर उपस्थित थे।
महापौर ने जलकुंभी निकालने के काम की समीक्षा की और संबंधित विभाग को काम में तेजी लाने की सूचना दी। वर्तमान में तालाब के लगभग 7 से 8 एकड़ क्षेत्र से जलकुंभी को सफलतापूर्वक हटाया जा चुका है और शेष हिस्से के लिए काम की गति बढ़ाने का आदेश दिया गया है।
इस सफाई कार्य के लिए फिलहाल 4 पोकलेन, 1 जेसीबी और 3 टिप्पर काम में लगे हुए हैं। मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने पोकलेन मशीनों की संख्या बढ़ाकर 6 करने तथा निकाली गई जलकुंभी को किसी अन्य स्थान पर ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जानकारी दी कि वाड़ी नगर परिषद के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम इसी वर्ष पूरा हो जाएगा जिससे गंदा पानी साफ होकर ही अंबाझरी तालाब में प्रवेश करेगा।
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मनपा आयुक्त विपिन इटनकर ने यह भी स्पष्ट किया कि जलकुंभी निकालने के लिए जल्द ही एक बड़ी मशीन भी खरीदी जाएगी। इसके अलावा, मनपा द्वारा अंबाझरी में आने वाले सीवेज के पानी को रोकने के लिए मुरुम (बजरी) का एक अस्थायी बांध बनाया गया है जिससे जलकुंभी के फैलाव को रोकने का प्रयास जारी है।
इस अवसर पर पार्षद योगेश पाचपोर, विजय होले, वर्षा चौधरी, अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी, सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम, कार्यकारी अभियंता राजेश दुफारे, कार्यकारी अभियंता मनोज गद्रे, घनकचरा प्रबंधन विभाग के प्रमुख डॉ। गजेंद्र महल्ले और जोनल स्वच्छता अधिकारी लोकेश वासनवार सहित मनपा के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।