Nagpur Airport Modernisation Project: नागपुर एयरपोर्ट का संचालन जीएमआर समूह को हस्तांतरित हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन मौजूदा यात्री टर्मिनल भवन के नवीनीकरण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। शुरुआती स्तर पर हुई इस देरी ने परियोजना की प्रगति और वर्ष 2029 तक इसे पूरा करने की समयसीमा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
30 वर्षों के कंसेशन समझौते के तहत जीएमआर को नागपुर एयरपोर्ट को आधुनिक एविएशन हब, कागों सेंटर और एयरोसिटी के रूप में विकसित करना है। परियोजना के पहले चरण में मौजूदा टर्मिनल भवन का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाना है।
इसके बाद नए अत्याधुनिक टर्मिनल, दूसरी रनवे, एयरोसिटी और नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि पूरी परियोजना वर्ष 2029 के पहले पूरी की जाए लेकिन एयरपोर्ट का औपचारिक हस्तांतरण होने के एक माह बाद भी टर्मिनल नवीनीकरण का कार्य शुरू नहीं होने से इस लक्ष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यदि निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं होता है तो निर्धारित समयसीमा का पालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कुछ दिन पहले जीएमआर ने हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए आधिकारिक रूप से रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन और एक्स्प्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किए थे।
इसके तहत मौजूदा यात्री टर्मिनल भवन के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इच्छुक और पात्र ठेकेदारों को 30 मई 2026 की शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन जमा करना था।
पहले चरण में चयनित ठेकेदारों को ही दूसरे चरण की वित्तीय बोली में भाग लेने की अनुमति दी जानी थी। हालांकि इस निविदा प्रक्रिया के बाद क्या प्रगति हुई, इस बारे में कंपनी ने अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
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