Nehru Nagar Zone NMC: नागपुर मनपा की ओर से बकाया राशि की वसूली के लिए शुरू किए गए अभियान में भले ही आवश्यकता अनुसार सफलता हासिल नहीं हुई हो किंतु अभियान के अंतिम दिन भी कई जोन में कार्रवाई जारी रही।
इसी क्रम में राजनीतिक दखलंदाजी के बावजूद नेहरूनगर जोन अंतर्गत एक बकायेदार के खिलाफ सहायक आयुक्त विकास रायबोले के मार्गदर्शन में टीम ने कड़ी कार्रवाई की जिसमें 55 लाख रुपए बकाये होने के लिए बकायेदार की सम्पत्ति कुर्क की गई। मनपा की टीम ने लगातार 2 दिनों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सक्करदरा क्षेत्र के व्यापारियों से 27 लाख रुपये के चेक भी वसूल किए।
नागपुर मनपा की कर वसूली टीम ने सक्करदरा चौक स्थित 'आयुर्वेदिक कॉलेज पिल्लर दुकानदार संघ' के बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन की मध्यस्थता के बाद संबंधित बकायेदार व्यापारी कर चुकाने पर सहमत हुए और रात 9 बजे तक मनपा को कुल 27 लाख रुपये के चेक सौंपे गए।
नागपुर मनपा प्रशासन ने इस संपत्ति की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण या गिरवी रखने पर पूर्ण कानूनी रोक लगा दी है और आम जनता को इस संपत्ति से जुड़ा कोई भी वित्तीय लेन-देन न करने की सख्त ताकीद दी है।
संपत्ति के मुख्य दर्शनीय भाग पर 10 बाय 4 फीट का भव्य आधिकारिक चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया। मनपा ने स्पष्ट किया है कि यदि संपत्ति मालिक 21 दिनों के भीतर 55 लाख रुपये के बकाया संपत्ति कर का भुगतान नहीं करता है तो इस संपत्ति की खुली नीलामी कर दी जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई को के सहायक आयुक्त विकास रायबोले के मार्गदर्शन में तथा अधीक्षक शिंदे के नेतृत्व में कर निरीक्षक सचिन मेश्राम, किसन बारे, सुधीर बोरकर सहित जोन के अन्य कर्मचारी ने अंजाम दिया। मनपा प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सभी बकायेदार बिना किसी बहानेबाजी के अपना बकाया संपत्ति कर तुरंत जमा करें।
बुधवार को नेहरूनगर जोन के कर व कर निर्धारण विभाग द्वारा प्रल्हाद बाबूराव पडोले की संपत्ति पर कड़ी कार्रवाई की गई। इस संपत्ति पर 55 लाख रुपये का कर बकाया व अन्य शुल्क होने के कारण मनपा टीम ने मौके पर नापजोख कर जब्ती की कार्रवाई की।
इस कार्रवाई के दौरान परिसर में रखी 5 से 7 अलमारियां, 1 सोफा सेट तथा अन्य सामान जब्त कर लिया गया। बताया जाता है कि कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ स्तर के राजनेताओं की ओर से अधिकारियों को फोन भी लगाए गए जिसमें कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया गया। किंतु अधिकारी टस से मस नहीं हुए जिसके बाद कार्रवाई पूरी की गई।
नागपुर मनपा की ओर से कार्रवाई के दौरान बकायेदार का वर्षों पुराना फर्जीवाड़ा बेनकाब हो गया। पिछले 4 वर्षों से जब भी मनपा द्वारा इस संपत्ति की नीलामी का सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाता था तो संपत्ति मालिक लिखित आवेदन देकर दावा करता था कि परिसर में कोई किरायेदार नहीं है। हालांकि बुधवार को कार्रवाई के दौरान मनपा अधिकारियों के हाथ मौके पर ही 'रेंट एग्रीमेंट' और अन्य पुख्ता सबूत लग गए।