मंत्रियों से सेटिंग है, करोड़ों का प्रोजेक्ट दिलाएंगे, पुणे की कंपनी से ठगे 2 करोड़

Pune Company Fraud: मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से करीबी संबंधों का दावा कर पुणे की कंपनी को करोड़ों के सरकारी प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी। नागपुर के तहसील थाने में मामला दर्ज।
Fake Govt Project Fraud
कंपनी को करोड़ों रुपये के सरकारी प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स- AI
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Fake Govt Project Fraud: मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा कर पुणे की एक कंपनी को करोड़ों रुपये के सरकारी प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा देकर 2 करोड़ रुपये की ठगी की गई।

आरोपियों ने रकम लेने के बाद सरकारी प्रोजेक्ट से संबंधित फर्जी दस्तावेज भी कंपनी के संचालकों को थमा दिए। दस्तावेज फर्जी होने का पता चलने पर रकम वापस मांगी गई लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे।

आखिर सिटी पुलिस से शिकायत की गई। नागपुर का तहसील पुलिस स्टेशन ने बुधवार को 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। चिंचवड़, पुणे निवासी रितु भारत मल्होत्रा की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।

मंत्रियों से मजबूत संबंध होने का दावा

आरोपियों में पिंपरी-चिंचवड निवासी राहुल गौपालराव सिरसकर (41), रोहित दामोदर रानद (40) और अंकुश हरिकिशन अग्रवाल (42) का समावेश है। तीनों आरोपी पाथवे बिजनेस कंसल्टेंसी से जुड़े बताए गए है।

रितु ने वर्ष 2019 में कुछ साझेदारों के साथ एक्जिस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी शुरू की थी। 4 जनवरी 2024 को रितु और उनके साझेदारों की पहचान आरोपियों से हुई। आरोपियों ने कंपनी सवालकों को बताया कि उनके मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मजबूत संबंध है।

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इन सबंधों के जरिए वे कंपनी को करोड़ों रुपये के सरकारी प्रोजेक्ट दिलवा सकते हैं। इसके लिए सरकारी स्तर पर होने वाले खर्च के नाम पर आरोपियों ने रकम की मांग की।

आरोपियों की बातों पर विश्वास कर रितु और उनके पार्टनर रकम देने के लिए तैयार हो गए। आरोप है कि इन्हीं बैठकों के दौरान आरोपियों ने कंपनी से 2 करोड़ रुपये ले लिए।

रकम लेने के बाद आरोपियों ने कंपनी को सरकारी प्रोजेक्ट से संबंधित दस्तावेज सौंपे कुछ समय बाद कंपनी संचालकों को दस्तावेजों पर संदेह हुआ और जांच करने पर उनके फर्जी होने का पता चला। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से रकम वापस मांगी लेकिन वे टालमटोल करते रहे। आखिरकार रितु ने नागपुर तहसील पुलिस से शिकायत की।

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