नागपुर मनपा में सत्कार समारोह पर 16 लाख खर्च सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

विकास निधि के लिए तरस रहे पार्षद, सत्कार समारोह पर उड़ाए लाखों! नागपुर मनपा में बिना टेंडर ठेका देने का खुलासा

Nagpur Civic Expenses: नागपुर मनपा में नवनिर्वाचित महापौर, उपमहापौर और पक्ष नेताओं के पदग्रहण-सत्कार समारोह पर 16 लाख से ज्यादा खर्च हुए। काम बिना टेंडर ‘तत्काल आवश्यकता’ बताकर सौंपा गया।

अंकिता पटेल

Nagpur NMC Event Expenses: नागपुर मनपा में एक ओर जहां विकास निधि के लिए कई पार्षद जद्दोजहद कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अब सत्कार समारोह पर लाखों रुपए खर्च होने का मामला उजागर हो रहा है। मनपा में फिजूलखर्ची का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चौथी बार सत्ता पाने के बाद किए गए पदग्रहण और सत्कार कार्यक्रम के लिए बिना टेंडर लाखों रुपए का काम सौंप दिया गया। अब भुगतान के लिए शुक्रवार को होने जा रही स्थायी समिति की बैठक में वित्तीय मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखा जा रहा है। इसे मंजूरी मिलने की भी संभावना सूत्रों ने जताई।

उल्लेखनीय है कि महानगरपालिका में नवनिर्वाचित महापौर, उपमहापौर और पक्ष नेताओं के पदग्रहण और सत्कार समारोह पर 16 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि आयोजन से जुड़े कामों के लिए कोई टेंडर आमंत्रित नहीं किया गया और 'तत्काल आवश्यकता' का हवाला देकर सीधा ठेका दे दिया गया।

सजावट और खान-पान पर लाखों का खर्च

प्रस्ताव के अनुसार महानगरपालिका के आम चुनाव संपन्न होने के बाद 6 फरवरी 2026 को सुरेश भट सभागृह में महापौर, उपमहापौर तथा सत्ताधारी और विपक्षी दल के नेताओं का चयन किया गया था। इसके बाद 9 फरवरी 2026 को मनपा के सिविल लाइंस स्थित मुख्यालय परिसर में आनन-फानन में इनके

पदग्रहण और सत्कार समारोह का आयोजन किया गया था। इस भव्य कार्यक्रम में सजावट, बिछायत, एलईडी वॉल, लाइट, साउंड, जनरेटर, केटरिंग, पानी और चाय आदि की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस पूरे काम का प्राक्कलन 16,19,280 रुपये तय किया गया है। यह खर्च सार्वजनिक बड़े स्वरूप की यात्रा व उत्सव मेले इत्यादि के बजट शीर्ष के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-2027 के उपलब्ध प्रावधानों में से किया जाएगा।

आपातकालीन नियम का हुआ इस्तेमाल, बिना टेंडर मिला काम

दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि 9 फरवरी को हुआ यह कार्यक्रम बेहद 'तात्कालिक' (अर्जेंट) स्वरूप का था।

इसी जल्दबाजी का कारण बताते हुए महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 5।2।2 के तहत प्राप्त विशेषाधिकारों का इस्तेमाल किया गया। इसके तहत मनपा आयुक्त ने बिना निविदा बुलाए सीधे संविदा के आधार पर काम करने की मंजूरी दे दी।

मनपा आयुक्त द्वारा इस प्रस्ताव को 14 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान की गई है।

पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया का पालन अनिवार्य, फिर भी कर दी जल्दबाजी

यह काम इस क्षेत्र का अनुभव रखने वाले ठेकेदार 'मेसर्स अरुण नागभिडकर' को प्राक्कलित दर पर सौंपने का प्रस्ताव है जिसके तहत उन्हें 16,19,280 रुपये का कार्यादेश जारी किया गया।

सरकारी आयोजनों में आमतौर पर पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होता है लेकिन एक सत्कार समारोह के लिए जल्दबाजी में 16 लाख रुपये से ज्यादा का ठेका बिना टेंडर के किसी एक ठेकेदार को सौंप जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

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