पेपर घोटाला प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
नागपुर

MPSC पेपर लीक के बाद घिरीं दूसरी परीक्षाएं, 2022 से अब तक की सभी परीक्षाओं की न्यायिक जांच की मांग

MPSC Exam: औषधि निरीक्षक परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद MPSC की अन्य परीक्षाएं भी सवालों के घेरे में हैं। विदर्भ समिति ने 2022 से अब तक सभी परीक्षाओं की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है।

प्रमोद यादव

Maharashtra Public Service Commission Paper Leak: नागपुर जिले में औषधि निरीक्षक पद की परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की अन्य परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विदर्भ प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने वर्ष 2022 से अब तक एमपीएससी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं की स्वतंत्र और न्यायिक जांच कराने की मांग की है। समिति का आरोप है कि कुछ परीक्षाओं के मूल्यांकन और अंक देने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

समिति के अतुल खोब्रागड़े, अभिलाष वरहाड़े और संजय रणदिवे ने शनिवार को आयोजित पत्र परिषद में राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2025 और कृषि सेवा परीक्षा 2024 के मूल्यांकन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों को एक पेपर में अपेक्षाकृत अधिक, जबकि दूसरे पेपर में बेहद कम अंक दिए गए। समिति ने कुछ अभ्यर्थियों को पूर्णांक दिए जाने का भी दावा किया है।

मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2025 के मूल्यांकन में सामने आई कथित विसंगतियों की दोबारा जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया में मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद होना जरूरी है।

समिति ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों की नियुक्ति और प्रश्नों के स्रोत को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए स्वतंत्र ऑनलाइन शिकायत पोर्टल शुरू करने का सुझाव दिया गया है।

पदाधिकारियों ने परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर उसकी समयबद्ध जांच के लिए अलग व्यवस्था बनाने की मांग की। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले अंकों की प्रक्रिया को स्पष्ट करने पर भी जोर दिया गया।

अध्यक्ष और सचिव को हटाने की मांग

समिति ने एमपीएससी के अपर सचिव अभिजित लैंडवे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। समिति का दावा है कि वर्ष 2022 में उनके पदभार संभालने के बाद आयोजित परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। औषधि निरीक्षक पद की परीक्षा में कथित गड़बड़ी के संदर्भ में भी उनका नाम सामने आने का दावा समिति ने किया है।

इन आरोपों के आधार पर समिति ने वर्ष 2022 के बाद एमपीएससी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। समिति चाहती है कि जांच न्यायालय की निगरानी में हो, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।

जांच पूरी होने तक पद से हटाने की मांग

विदर्भ प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक एमपीएससी के अध्यक्ष भीमनवार और आयोग के अन्य सदस्यों को उनके पदों से हटाया जाए। समिति का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखने के लिए कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

विदर्भ प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक और मूल्यांकन से जुड़े मामलों की जांच केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वर्ष 2022 से अब तक आयोजित सभी एमपीएससी परीक्षाओं को इसके दायरे में लाया जाना चाहिए। हालांकि, समिति द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है।

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