Nagpur Smart Toilet Dispute: मध्य नागपुर के मोमिनपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित पहले 'एस्पिरेशनल स्मार्ट टॉयलेट' को लेकर जनप्रतिनिधियों में मतभेद सामने आए हैं। प्रभाग क्रमांक 8 के नगरसेवक एवं स्थायी समिति सदस्य वसीम खान के प्रयासों से शनिवार को स्मार्ट टॉयलेट का भूमिपूजन एवं बैनर उद्घाटन किया गया।
वहीं नगरसेवक सिराज अहमद और नगरसेविका सैयद मुस्कान ने भूमि पूजन का विरोध करते हुए प्रस्तावित निर्माण पर सरकारी धन की बर्बादी की आशंका जताई। भूमिपूजन कार्यक्रम में पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे, विरोधी पक्ष नेता संजय महाकालकर, नगरसेवक अतुल कोटेचा, नगरसेविका सैयदा निजामुद्दीन अंसारी, नगरसेवक अभिजीत झा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में भूमिपूजन किया गया।
विधायक विकास ठाकरे ने स्मार्ट टॉयलेट का श्रेय वसीम खान के निरंतर प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से लगातार संपर्क और फॉलोअप के बाद यह कार्य मंजूर हुआ है। वसीम खान ने कहा कि चुनाव से पहले जनता से किए वादों को जमीन पर उतारने की दिशा में यह शुरुआत है।
उन्होंने महापौर नीता ठाकरे, जिलाधिकारी, मनपा आयुक्त तथा विधायकों का आभार व्यक्त किया, उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित स्मार्ट टॉयलेट में महिलाओं, बच्चों, कुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुविधाएं, बेवी फीडिंग रूम, सीसीटीवी, स्वच्छता, बेहतर वेंटिलेशन और लाइटिंग की व्यवस्था होने का दावा किया गया, खान ने छोटे दुकानदारों को भी रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होने देने तथा भविष्य में उधित दुकान सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
नागपुर जिले में दूसरी और नगरसेवक सि अहमद और नगरसेविका सैयद मुस्कान ने कहा कि स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण जिस स्थान पर किया जा रहा है, वहां मोमिनपुरा प्रवेश द्वार से बब्बू होटल तक 60 फीट सड़क चौडीकरण प्रस्तावित है। ऐसे में निर्माण पर मनपा का पैसा खर्च करना उचित नहीं है।
चौड़ीकरण के दौरान टॉयलेट हटाना पड़ा तो सार्वजनिक धन की बर्बादी होगी। दोनों ने एक स्वयर में कहा कि उनकी सहमति के बिना कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने पहले सड़क चौड़ीकरण पूरा करने और उसके बाद स्मार्ट टॉयलेट पर निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं, बल्कि उचित नियोजन और जनहित के पक्षधर है।