मिहान ने दिया चेक (सौजन्य-एक्स) 
नागपुर

मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए मिहान ने दिया 50 लाख का चेक, देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में नई पहल

CM Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चिंचभुवन के वैकल्पिक गांव में विकसित की गई नागरी सुविधाओं को नागपुर महानगरपालिका को सौंप दिया। मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए मिहान ने योगदान दिया।

प्रिया जैस

Nagpur News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चिंचभुवन के वैकल्पिक गांव में सेक्टर 34, 35 और 36 में विकसित की गई नागरी सुविधाओं को नागपुर महानगरपालिका को सौंप दिया। इसके अलावा मिहान इंडिया लिमिटेड ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 50 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

रामगिरी शासकीय निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जनसुविधाओं के हस्तांतरण के साथ-साथ मिहान इंडिया लिमिटेड से मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए चेक स्वीकार किया। इस अवसर पर मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी, जिलाधिकारी विपिन इटनकर, वसुमना पंत, डॉ. राज गजभिये, डॉ. रवि चव्हाण, एमआईएल के आबिद रूही उपस्थित थे।

फडणवीस ने मनपा आयुक्त को सौंपा प्रमाणपत्र

जिलाधिकारी इटनकर ने चिंचभुवन के वैकल्पिक गांव में नागरी सुविधाओं को मनपा को सौंपने के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने मनपा आयुक्त को हस्तांतरण प्रमाणपत्र सौंपा। मिहान इंडिया लिमिटेड के सामाजिक उत्तरदायित्व निधि (सीएसआर) के तहत शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय तथा अस्पताल को 45 लाख 43 हजार 936 रुपये का चेक, इंदिरा गांधी वैद्यकीय महाविद्यालय तथा अस्पताल को 30 लाख का, महानगरपालिका को 25 लाख का और वुमेन एजुकेशन सोसाइटी (एलएडी कॉलेज) को 24 लाख 93 हजार रुपये का चेक भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदान किया।

चिंचभुवन गांव की जनसुविधाओं के बारे में जानकारी

मौजा जयताला, भामटी, चिंचभुवन और शिवणगांव के शहरी क्षेत्रों में परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 के पूर्व में चिंचभुवन में 58.21 हेक्टेयर क्षेत्र में अभिन्यास तैयार कर लगभग 1506 भूखंडों की योजना बनाई गई है। शिवणगांव के कुल 1161 परियोजना पीड़ितों को भूखंड आवंटित किए गए हैं जिनमें से 1075 पीड़ितों को भूखंडों का कब्जा दिया गया है।

इनमें से लगभग 400 से 415 परियोजना पीड़ित नये वैकल्पिक गांव में रहने चले गए हैं और लगभग 600 घरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन जनसुविधाओं को तैयार करने के लिए कुल 65.80 करोड़ रुपये का फंड खर्च किया गया है। ये सुविधाएं नागपुर महानगरपालिका को सौंप दी गई हैं।

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