Nagpur Child Kidnapping Attempt: नागपुर जिले के एमआईडीसी थाना क्षेत्र में शनिवार को ऑटो में सवार 2 आरोपियों ने 11 वर्षीय बालक का चाकू की नोक पर अपहरण करने का प्रयास किया। इस घटना से पूरे इलाके में खलबली मच गई है। वहीं परिजन भी सकते में हैं। पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
ऐसे में शहर के नाबालिग बच्चों के अपहरण और लापता होने के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई 2026 तक महज 7 माह में 356 नाबालिगों के अपहरण-लापता होने से जुड़े मामले दर्ज हुए जिनमें 250 लड़कियां और 106 लड़के शामिल हैं। इनमें से 332 बच्चों को तलाश लिया गया, जबकि 24 बच्चे अब भी नहीं मिले हैं।
आंकड़ों का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस वर्ष लापता हुए नाबालिगों में लड़कियों की संख्या करीब 70 प्रतिशत है। 24 लापता बच्चों में भी 18 लड़कियां और 6 लड़के शामिल हैं। यानी अब भी तलाशे जा रहे बच्चों में लड़कियों की संख्या 75 प्रतिशत है। वर्ष 2024 में 578 नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामलों में दर्ज हुए थे जिनमें 276 लड़के और 302 लड़कियां थीं। वर्ष 2025 में संख्या 544 रही लेकिन इसमें लड़कियों की संख्या बढ़कर 399 पहुंच गई, जबकि लड़के 145 थे। वर्ष 2026 के पहले 7 महीनों में ही यह संख्या 356 तक पहुंच चुकी है।
आंकड़ों से साफ है कि नाबालिग लड़कियां सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। 2024 में कुल मामलों में लड़कियों की संख्या लगभग 52 प्रतिशत थी जो 2025 में बढ़कर करीब 73 प्रतिशत पहुंच गई। वर्ष 2026 के पहले 7 महीनों में भी 356 में से 250 लड़कियां हैं।
यह स्थिति पुलिस के लिए केवल बच्चों की तलाश का नहीं बल्कि बाल सुरक्षा, मानव तस्करी, बहला-फुसलाकर ले जाने और अन्य संभावित अपराधों की रोकथाम का भी गंभीर विषय है। वर्ष 2026 में अब तक 356 में से 332 बच्चों का पता लगाया जाना राहत की बात है और इस अवधि में लगभग 93 प्रतिशत बच्चों को खोजा जा चुका है लेकिन 24 नाबालिगों का अब भी लापता रहना चिंता का विषय है, विशेषकर इसलिए क्योंकि इनमें तीन-चौथाई लड़किया है।
नागपुर जिले में वर्ष 2025 में पूरे साल 544 नाबालिगों के अपहरण होने के मामले सामने आए थे। इसके मुकाबले 2026 के पहले 7 महीनों में ही 356 मामले दर्ज हो चुके हैं जो पिछले पूरे साल के आंकड़े का लगभग 65 प्रतिशत है।
यदि यही रफ्तार आगे भी बनी रही तो वर्ष 2026 का आंकड़ा पिछले 2 वर्षों से काफी अधिक हो सकता है। हालांकि पूरे वर्ष का अंतिम आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी।
| वर्ष | कुल | नाबालिग लड़के | लड़कियां | मिले | नहीं मिले |
|---|---|---|---|---|---|
| 2024 | 578 | 276 | 302 | 554 | 4 |
| 2025 | 544 | 145 | 399 | 542 | 3 |
| 30 जुलाई 2026 तक | 356 | 106 | 250 | 332 | 24 |
विशेष बात यह है कि नागपुर जिले में नाबालिगों के लापता होने के मामलों की संख्या को केवल सामान्य 'मिसिंग' प्रकरण मानकर नहीं देखा जा सकता। बच्चों के गायब होने के मामलों में पुलिस को तत्काल और संवेदनशील जांच के साथ हर मामले के पीछे अपहरण, तस्करी, बहला-फुसलाकर ले जाने अथवा अन्य संभावनाओं की गंभीरता से पड़ताल करनी होगी। महाराष्ट्र स्तर पर भी ऐसे मामलों को लेकर चिंता बनी हुई है और नागपुर के पुराने आंकड़ों में बच्चों के लापता होने की बड़ी संख्या सामने आ चुकी है।