Nagpur MIDC Industries Power Supply: नागपुर जिले में औद्योगिक क्षेत्र के सतत विकास को गति देने, उत्पादन क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने तथा उद्यमियों की बिजली संबंधी समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से महावितरण लगातार विभिन्न पहल कर रही है।
इसी क्रम में महावितरण के नागपुर शहर मंडल के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए विद्युत भवन में 'स्वागत कक्ष' बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महावितरण नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने की, जबकि नागपुर शहर मंडल के अधीक्षक अभियंता प्रफुल्ल लांडे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
महावितरण नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने कहा कि उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण और निर्वाध बिजली आपूर्ति देना महावितरण की प्राथमिकता है। बैठक में उठाई गई प्रलोक शिकायत और तकनीकी समस्या की महावितरण की तकनीकी टीम द्वारा गहन जांच की जाएगी तथा अगली 'स्वागत कक्ष' बैठक से पहले सभी समस्याओं के चरणबद्ध और प्रभावी समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
नागपुर जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इनमें एमआईए के अध्यक्ष पी। मोहन, बीएमए के पदाधिकारी तथा हिंगना एमआईडीसी, बुटीबोरी एमआईडीसी और वांजरा एमआईडीसी क्षेत्र की विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उद्यमी शामिल थे।
महावितरण नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने औद्योगिक प्रतिनिधियों ने कारखानों और उत्पादन पर असर डालने वाली विभिन्न तकनीकी समस्याओं की और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।
इनमें मुख्य रूप से बिजली आपूर्ति में बाधाएं, वोल्टेज में उत्तार बढ़ाव, सौर ऊर्जा यूनिट के समायोजन, बिलिंग से संबंधित समस्याएं तथा बिजली शुल्क वापसी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
उद्यमियों की सभी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बाद नाईक और लांडे ने समाधान का भरोसा दिलाया, महावितरण की तत्पर, सहयोगात्मक और ग्राहक केंद्रित पहल स्वागत कक्ष' से उद्यमियों को राहत मिली, एमआईए के अध्यक्ष पी। मोहन ने इस सकारात्मक पहल और सरत कार्यप्रणाली की सराहना की।
उन्होंने कहा कि महावितरण की और से नियमित रूप से आयोजित स्वागत कक्ष उद्यमियों और महावितरण अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का प्रभावी और विश्वसनीय मंच बन गया है। औद्योगिक उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझकर उन पर तत्काल कार्रवाई करने की महावितरण की इस सकारात्मक और सहयोगात्मक नीति से नागपुर क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिली है।