यवतमाल में हुई बारिश का दृश्य (फोटो नवभारत) 
नागपुर

महाराष्ट्र में बदला मौसम का मिजाज, नागपुर-यवतमाल-वर्धा समेत विदर्भ के कई जिलों में हुई झमाझम बारिश

Maharashtra Weather Update: विदर्भ के यवतमाल, वर्धा, गोंदिया और गड़चिरोली में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। रबी की फसलें चौपट हो गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

आकाश मसने

Maharashtra Ka Mausam: महाराष्ट्र में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से ठंड कम हो गई थी और गर्मी का मौसम आने का शुरुआत हो गई थी। इसी बीच रविवार रात से मौसम ने अपना रुख बदला और आसमान में काले बादल छाए। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात से नागपुर समेत विदर्भ के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई।

विदर्भ क्षेत्र में सोमवार को कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। यवतमाल, वर्धा, गोंदिया और गड़चिरोली जिलों के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे ज्यादा नुकसान रबी की फसलों को हुआ है, जो कटाई के करीब थीं।

यवतमाल में 'तुअर' के दाने जैसे गिरे ओले

यवतमाल जिले में पिछले दो-तीन दिनों से उमस और गर्मी के बाद सोमवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली। रालेगांव तहसील के रालेगांव, कलमनेर, कापसी, रामतीर्थ और शेली जैसे गांवों में तुअर के दानों के आकार की भारी ओलावृष्टि हुई। दिग्रस तहसील के निंबा गांव में करीब 15 मिनट तक लगातार ओले गिरे, जिससे पूरी जमीन सफेद चादर से ढक गई। मारेगांव और महागांव में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।

फसलों और घरों को भारी नुकसान

इस प्राकृतिक आपदा ने खेतों में लहलहाती गेहूं, चना और तुअर की फसलों को मिट्टी में मिला दिया है। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। नुकसान सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहा; ग्रामीण इलाकों में चक्रवाती हवाओं के चलते कई घरों की टीन की छतें उड़ गईं, जिससे गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।

वर्धा और गोंदिया में भी हाहाकार

वर्धा जिले के समुद्रपुर और हिंगणघाट तहसील में बेर के आकार के ओले गिरने की खबर है। किसानों के अनुसार, कपास की बची हुई फसल और चने को इससे अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं, गोंदिया जिले में सोमवार तड़के बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हुई। खराब मौसम के कारण गोंदिया शहर और आमगांव तहसील में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

गड़चिरोली में भी हल्की से मध्यम बारिश ने रबी सीजन की तैयारी कर रहे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अगले 24 घंटों तक ऐसा ही रहा, तो बागवानी फसलों को भी भारी नुकसान हो सकता है। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल 'पंचनामा' कर मुआवजे की गुहार लगाई है।

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