Nagpur School Safety Report: विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी, स्थानीय निकाय संस्थाओं, निजी अनुदानित एवं गैर-अनुदानित स्कूलों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को सुरक्षा ऑडिट कर विस्तृत सुरक्षा मूल्यांकन एवं कार्यवाही रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य होगा।
प्राथमिक शिक्षा संचालक और माध्यमिक शिक्षा संचालक द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि यह निर्णय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य सरकार और शिक्षा आयुक्तालय के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। जिला प्रशासन, जिला परिषद, नगर निगम, नगरपालिका तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिपत्र के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, भवन की सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, आपदा प्रबंधन, विद्यार्थियों के सुरक्षित बाहर निकलने की व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा मानकों का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण में जहां भी कमियां मिलेंगी उन्हें दूर करने के लिए तत्काल एक्शन प्लान बनाना होगा। साथ ही आपातकालीन कार्ययोजना को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पुलिस की सहायता लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, तहसील और प्रबंधन स्तर पर तैयार की गई सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट विभागीय शिक्षा उपसंचालकों के माध्यम से शिक्षा संचालनालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा, सुरक्षा मूल्यांकन में सामने आने वाली गंभीर खामियों को तत्काल दूर कर उनकी अनुपालन रिपोर्ट भी अलग से प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। विभागीय शिक्षा उपसंचालकों को पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत निगरानी करने और जिला स्तर रिपोर्ट समय पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
नागपुर जिले में जिला परिषद के 1,512 स्कूल हैं जिनमें से 1,137 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 50 से कम है। वहीं नगर निगम के 114 स्कूलों में से लगभग आधी स्कूलों में भी छात्र संख्या 50 से कम है। इनमें 80 फीसदी सरकारी स्कूलों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं हैं। वहीं 75 फीसदी में सीसीटीवी नहीं है। कई स्कूलों की इमारतें, दीवारें और छतें जर्जर स्थिति में हैं।
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50 फीसदी निजी अनुदानित एवं गैर-अनुदानित स्कूलों में भी सीसीटीवी और अग्निशमन सुविधा का अभाव है। सरकारी और अनुदानित स्कूलों में सीसीटीवी व्यवस्था मुख्यतः केवल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों तक सीमित है। अधिकांश अंग्रेजी माध्यम के स्व-वित्तपोषित स्कूलों में ही सीसीटीवी, अग्निशमन और अन्य सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं।