Maharashtra Government Revenue Administration: नागपुर जिले में राज्य के राजस्व प्रशासन को अधिक गतिशील, पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिलाधिकारियों सहित जिले के प्रमुख राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारियों और अधिकारों में व्यापक बदलाव करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में समय के साथ आए परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अधिकारों और कार्यों का पुनर्गठन किया गया है। बावनकुले ने बताया कि लगभग 12 वर्षों के बाद इस प्रकार का व्यापक पुनर्विभाजन किया गया है।
जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी, निवासी उपजिलाधिकारी (आरडीसी) तथा राजस्व से संबंधित उपजिलाधिकारियों के मूल कार्यों एवं अधिकारों में संशोधन किया गया है। सभी की विभागीय जिम्मेदारियों को बांटा गया है।
इस संबंध में जीआर भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य के सभी राजस्व अधिकारियों के सम्मेलन में गठित अध्ययन समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया, जिससे अब प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दी गई हैं।
राज्य एवं केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप 29 विषय जिलाधिकारी को, 27 विषय अतिरिक्त जिलाधिकारी को और 21 विषय आरडीसी तथा 15 विषय राजस्व उपजिलाधिकारी को सीप गए हैं।
जिले के प्रशासन पर समग्र नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी महत्वपूर्ण और नीतिगत विषय जिलाधिकारी के अधीन रहेंगे, इनके अतिरिवत्त जिले के सभी शासकीय विभागों का प्रत्यक्ष नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण भी जिलाधिकारी के अधीन होगा। अतिरिक्त जिलाधिकारी को राजस्व वसूली, भूमि अधिग्रहण एवं भूमि प्रबंधन, सभी प्रकार की शासकीय वसूली, आरआरसी वसूली तथा वार्षिक जमाबंदी सहित अन्य अधिकार दिये गए हैं।
आरडीसी को सरकारी भूमि एवं ऑनलाइन प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी के साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सरकारी भूमि का प्रबंधन सहित विविध जिम्मेदारियां दी गई है। प्राकृतिक आपदा, कृषि ऋण एवं ऋणमाफी, राजशिष्टाचार, वीआईपी दौरे तथा शिकायत निवारण के कार्य भी आरडीसी देखेंगे।
यह भी पढ़ें:-नागपुर बनेगा BRICS का मेजबान, 11 देशों के मंत्री और अधिकारी 9 जुलाई से जुटेंगे; सम्मेलन के लिए तैयारियां पूरी
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि राज्य के सभी 6 संभागों में अधिकारियों के कार्यों में मौजूद असमानता को समाप्त कर एकरूपता लाने के उद्देश्य से यह नया पुनर्विभाजन किया गया है। इसका उद्देश्य जनता को सरकारी कार्यों में सुविधा प्रदान करना, अनावश्यक परेशानी कम करना तथा प्रशासन को अधिक प्रभावी और गतिशील बनाना है। अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी गई है ताकि प्रशासन अधिक जवाबदेह और जनहितैषी बन सके।