नागपुर, आईसीआईसीआई बैंक, गोल्ड लोन घोटाला, प्रतीकात्मक तस्वीर(सोर्स: AI फोटो) 
नागपुर

आईसीआईसीआई गोल्ड लोन घोटाला: नागपुर में एक और ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, 5 दिन की पुलिस रिमांड

Nagpur ICICI Bank: नागपुर में आईसीआईसीआई बैंक के चर्चित गोल्ड लोन घोटाले में ईओडब्ल्यू ने एक और ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नकली सोने के आधार पर गोल्ड लोन मंजूर कराने का आरोप है।

अंकिता पटेल

Nagpur ICICI Bank Gold Loan Scam: नागपुर आईसीआईसीआई बैंक के चर्चित गोल्ड लोन घोटाले में ईओडब्ल्यू ने एक और ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी शेषनगर निवासी दिनेश कृष्णराव नागपुरे बताया गया। न्यायालय ने आरोपी को पूछताछ के लिए 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

जांच अधिकारियों के अनुसार नागपुरे ने नकली सोने के आभूषणों के आधार पर गोल्ड लोन स्वीकृत कराने में अहम भूमिका निभाई है। जांच में यह भी सामने आया कि वह मनीषनगर और अजनी चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखाओं में शाखा प्रबंधक के रूप में पदस्थ रह चुका है। पुलिस को संदेह है कि उसके कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध गोल्ड लोन मंजूर किए गए जिनकी अब बारीकी जांच की जा रही है।

ऑडिट में खुला करोड़ों का फर्जीवाड़ा

इस घोटाले का खुलासा बैंक की मनीषनगर शाखा में नियमित ऑडिट के दौरान हुआ था। जांच में गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए कई आभूषण नकली पाए गए, इसके बाद कराए गए विशेष ऑडिट में नागपुर की आईसीआईसीआई बैंक की 9 शाखाओं के 159 गोल्ड लोन खातों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई, जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच नकली आभूषणों के आधार पर 23 करोड़ रुपये से अधिक के लोन स्वीकृत किए गए।

बैंक अधिकारियों, बैंक द्वारा नियुक्त गोल्ड वैल्यूअर, ऑडिटरों और कुछ खाताधारकों की मिलीभगत से यह घोटाला किया गया। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।

डीसीपी दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में एपीआई संतोष टोकलवाड़, हेड कांस्टेबल राघोजी चिलगर, भाउराव देशमुख और योगिता पोटभरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।

2 आरोपियों को जमानत

इस मामले में पुलिस ने पहले बैंक के शाखा प्रबंधक पंकज केकतपुरे, बैंक के गोल्ड वैल्यूअर नंदू खरवाड़े और ऑडिटर राजेंद्र शिलणकर और प्रमोद टेटे को गिरफ्तार किया था। टेटे और शिलणकर द्वारा न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई। बचाव पक्ष के वकील भूषण सचदेव ने न्यायालय को बताया कि आरोपियों की भूमिका केवल लेखापरीक्षण तक सीमित थी।

पूरा प्रकरण दस्तावेजों पर आधारित है जो पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है, इसीलिए अब उनकी पुलिस कस्टडी की आवश्यकता नहीं है। न्यायालय ने 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत मंजूर की।

MLC Election 2026 LIVE: 4 राज्यों की 28 सीटों पर वोटिंग, UP में सपा के पक्ष में माहौल; नितिन गडकरी ने डाला वोट

ज्ञानेश कुमार की कुर्सी पर खतरा? ओम बिरला के बयान से CEC को हटाने की मांग ने पकड़ा जोर

IMD Weather Alert: तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

नेहा बोरा पर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आज, 10 हजार के बॉन्ड वाले नोटिस को दी चुनौती, सौरव-रांका ने दिखाया ठेंगा

अंगूर खट्टे हैं तो बेल काटने लगे, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पहली बार बोले PM मोदी; राहुल गांधी को बताया फेल प्रोडक्ट