भिंड सहकारी बैंक में महा-भ्रष्टाचार, 6 साल की जांच के बाद बैंक मैनेजर; कैशियर सहित 4 पर धोखाधड़ी की FIR

Bhind Fraud Case: भिंड के मेहगांव में सहकारी बैंक घोटाला, किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर से निकाला 6.63 लाख का लोन, बैंक मैनेजर और कैशियर सहित 4 पर एफआईआर, जांच शुरू।
Six-year investigation leads to FIR against bank manager and cashier in Bhind cooperative scam
भिंड सहकारी बैंक घोटाला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Big Cooperative Scam In Bhind: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सहकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये के एमएसपी घोटाले के बाद अब किसानों के नाम पर फर्जी ऋण निकालकर लाखों रुपये की हेराफेरी किए जाने का खुलासा हुआ है।

करीब छह वर्ष तक चली जांच के बाद मेहगांव थाना पुलिस ने जिला सहकारी बैंक की मेहगांव शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और दो समिति प्रबंधकों समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों में शामिल एक समिति प्रबंधक का निधन हो चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।

फर्जी दस्तावेज और नकली हस्ताक्षरों से स्वीकृत कराया गया लोन

जांच के अनुसार यह मामला मेहगांव क्षेत्र की रायपुरा सहकारी समिति से जुड़ा है। वर्ष 2012 से जनवरी 2019 के बीच समिति से जुड़े 20 किसानों के नाम पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए 6 लाख 63 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसानों के वास्तविक दस्तावेजों की जगह फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और नकली हस्ताक्षरों के आधार पर ऋण स्वीकृत करा लिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिन किसानों के नाम पर लोन लिया गया, उन्हें इसकी कोई जानकारी तक नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि किसानों के खाते में राशि भेजने के बजाय संबंधित कर्मचारियों ने रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर पूरी राशि हड़प ली।

बैंक जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितताएं

शिकायत मिलने के बाद जिला सहकारी बैंक ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं, दस्तावेजों में फर्जीवाड़े और ऋण प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि हुई। जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक के.एम. मौर्य, कैशियर हरिओम, तत्कालीन समिति प्रबंधक राय सिंह जादौन और अरविंद सिंह जादौन की भूमिका सामने आई। राय सिंह जादौन का निधन हो चुका है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस फर्जीवाड़े में छह अन्य अज्ञात लोगों की संलिप्तता होने की आशंका है।

वर्तमान समिति प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर

जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान रायपुरा समिति प्रबंधक लाल सिंह गोयल ने मेहगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, ऋण फाइलों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि पूरे घोटाले की परतें खोली जा सकें।

जांच आगे बढ़ेगी, बढ़ सकती है आरोपियों की संख्या- एसडीओपी

मेहगांव एसडीओपी संजय कोच्छा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। बैंक के दस्तावेज, खातों के लेन-देन और संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में नए तथ्य मिलते हैं तो आरोपियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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