लक्ष्यवेध योजना, खेल प्रशिक्षण, नागपुर,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर खेल विभाग में हड़कंप! मिशन लक्ष्यवेध में अव्यवस्था के खिलाफ BJP आघाड़ी का हल्लाबोल, प्रशासन ने उठाए कदम

Nagpur Lakshyavedh Scheme: नागपुर लक्ष्यवेध योजना के प्रशिक्षण केंद्रों में सुविधाओं की कमी व कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध तेज हुआ। शिकायतों के बाद खेल सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।

अंकिता पटेल

Nagpur Lakshyavedh Scheme Sports Training: नागपुर मिशन लक्ष्यवेध योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों में कथित अनियमितताओं, अपर्याप्त सुविधाओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ भाजपा क्रीड़ा आघाड़ी द्वारा विरोध के बाद खेल विभाग में हलचल तेज हो गई है। आघाड़ी ने दावा किया है कि उसके लगातार विरोध और शिकायतों के बाद प्रशासन को आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाने पड़े हैं।

ज्ञात हो कि आयुक्त, खेल एवं युवक सेवा संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य, पुणे के आदेशानुसार जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय नागपुर और विभागीय क्रीड़ा उपसंचालक पल्लवी धात्रक के माध्यम से लक्ष्यवेध योजना के तहत जिला स्तर पर एथलेटिक्स, शूटिंग, टेबल टेनिस और कुश्ती, जबकि विभागीय स्तर पर एथलेटिक्स और टेबल टेनिस के प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए थे। हालांकि इन केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

खेल सामग्री की कमी, खिलाड़ी परेशान

भाजपा क्रीड़ा आघाड़ी के आरोपों के अनुसार कई महीनों से प्रशिक्षण केंद्रों में जरूरी खेल सामग्री का अभाव बना हुआ था। टेबल टेनिस खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त टेबल उपलब्ध नहीं थीं, जबकि शूटिंग प्रशिक्षण के लिए आवश्यक हथियार और उपकरणों की भी कमी थी। इससे खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा था। आघाड़ी का कहना है कि मुद्दा लगातार उठाए जाने के बाद विभागीय उपसंचालक एवं जिला क्रीड़ा अधिकारी पल्लवी धात्रक ने नई टेबल टेनिस टेबल उपलब्ध कराई तथा दूसरे खेल परिसर से शूटिंग के लिए बंदूकें मंगवाई। भाजपा क्रीड़ा आघाड़ी का आरोप है कि यह सामग्री स्थायी रूप से उपलब्ध कराने के बजाय केवल वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे के दौरान स्थिति संतोषजनक दिखाने के उद्देश्य से अस्थायी तौर पर लाई गई।

पूरे मामले की जांच की मांग

भाजपा क्रीड़ा आघाड़ी ने कहा है कि खिलाड़ियों के हित मैं आवश्यक सुविधाएं शुरुआत से उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। आधाड़ी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। खेल क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि लक्ष्यवेध योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

लेकिन यदि प्रशिक्षण केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।।।
भाजपा क्रीड़ा आचाड़ी ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा तथा लक्ष्यवेध योजना की हर कमी और त्रुटि को जनता के सामने लाया जाएगा।

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