Nagpur Water Sports Tourism: तालाबों के शहर नागपुर की पहचान अब केवल हरियाली और जल स्रोतों तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। शहर में गोरेवाड़ा, अंबाझरी, फुटाला, शुक्रवारी, सोनेगांव, नाईक, सक्करदरा, लेंडी, पारडी के पास बाराद्वारी जैसे छोटे-बड़े 9 से अधिक तालाब मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश का उपयोग अब तक सीमित मनोरंजन, प्राकृतिक सौंदर्य और भूजल संतुलन तक ही रहा है।
शहर के तालाबों को संवारने की दिशा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से सफाई से लेकर सौंदर्याकरण समेत कई काम हुए हैं। ऐसे में अब नागपुर को स्वीमिंग से आगे बढ़ाकर वाटर स्पोर्ट्स और वाटर स्पोर्ट्स टूरिज्म की दिशा में ले जाने का माहौल तैयार हो चुका है। जरूरत है तो केवल राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की।
अंबाझरी तालाब की जलकुंभी से मुक्त करने के बाद इसकी तस्वीर काफी बदली है।
फुटाला में 1,200 से अधिक लोगों की दर्शक दीर्घा के साथ म्यूजिकल फाउंटेन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
सोनेगांव और शुक्रवारी तालाबों की वर्षों तक सफाई करने के साथ उनकी गहराई भी बढ़ाई गई है।
इससे दोनों जलाशयों में पानी पहले की तुलना में साफ नजर आने लगा है।
इन प्रयासों के बाद सवाल यह है कि इन जलाशयों का उपयोग केवल देखने और घूमने तक क्यों सीमित रहे?
नागपुर के गोरेवाड़ा तालाब को छोड़ दें तो शहर के अन्य तालाबों का पानी जलापूर्ति के लिए इस्तेमाल नहीं होता। ऐसे में इनके बहुआयामी उपयोग की संभावनाएं तलाशना जरूरी है। वाटर स्पोर्ट्स टूरिज्म विकसित होने से स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी नया आकर्षण मिल सकता है।
यहां भी केरल की तर्ज पर वल्लमकली या स्नेक बोट रेस की जगह नागपुर के तालाबों के आकार और परिस्थितियों के अनुरूप छोटे प्रारूप में बोट रेस आयोजित की जा सकती हैं। केंद्रीय मंत्री गडकरी शहर में अंबाझरी तालाब में बोटिंग शुरू करने की घोषणा भी कर चुके हैं। ऐसे में इसे व्यापक वाटर स्पोर्ट्स योजना से जोड़ने की जरूरत है।
वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने से पहले प्रत्येक तालाब की जल गुणवत्ता, गहराई, क्षेत्रफल, जल स्तर, पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा का वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी होगा, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, मेडिकल
सहायता, निगरानी व्यवस्था और अलग-अलग गतिविधियों के लिए निर्धारित जल क्षेत्र अनिवार्य किए जाने चाहिए, यदि नागपुर के तालाबों को सुनियोजित तरीके से वाटर स्पोर्ट्स से जोड़ा जाता है तो शहर को
मनोरंजन का नया विकल्प ही नहीं बल्कि पर्यटन, खेल प्रशिक्षण और रोजगार का नया क्षेत्र भी मिल सकता है। तालाब पहले से हैं, अब जरूरत है उन्हें नई सोब के साथ उपयोग में लाने की।
कयाकिंग छोटी नाव में बैठकर 2 ब्लेड वाले पैडल की मदद से पानी पर आगे बढ़ना।
कैनोइंग खुली नाव में बैठकर या घुटनों के बल बैठकर एक ब्लेड वाले पैडल से नाव चलाना।
स्टैंड-अप पैडलबोर्डिंग बड़े बोर्ड पर खड़े होकर लंबे पैडल की मदद से पानी पर आगे बढ़ना।
पेडल बोटिंग पैरों से पैडल घुमाकर पैडल-व्हील को चलाना और नाव को आगे बढ़ाना।
रोइंग लंबे चप्पुओं की मदद से पतली नाव को पानी की सतह पर आगे बढ़ाना।
सेलिंग: कपड़े की पाल में हवा भरकर हवा की दिशा के सहारे नाव को झील में आगे बढ़ाना।
जेट स्कीइंग छोटी मोटर चालित जलयान पर तेज गति से पानी पर सवारी करना।
वाटर स्कीइंग रस्सी पकडकर स्की पर खड़े रहना और मोटरबोट द्वारा खींचे जाने पर पानी पर फिसलना।
वैकबोर्डिंग: एक बोर्ड पर खड़े होकर मोटरबोट द्वारा खींचे जाने के दौरान नाव से बनी लहरों के ऊपर छलांग लगाना,
वेकसफिंग विशेष मोटरबोट द्वारा बनाई गई लहर पर बिना टो-रस्सी पकड़े सफिंग करना।
नीबोर्डिंग: बोर्ड पर घुटनों के बल बैठकर मोटरबोट द्वारा तेज गति से खिंचते हुए पानी पर सवारी करना।
फ्लाईबोर्डिंग: जलयान से जुड़े विशेष वाटर जेट बोर्ड की मदद से पानी के ऊपर हवा में ऊंचाई तक उड़ना।
मैराथन स्विमिंगः झील, नदी या समुद्र में आयोजित लंबी दूरी की खुले पानी में तैराकी
रोइंग शांत और सीधी झील की लेन में चामुओं की मदद से नाव दौड़ाने की प्रतियोगिता।
कैनो संप्रंट कैनों या कयाक में सपाट पानी पर तेज गति से पैडलिंग की दौड़।
सेलिंग बड़े और खुले जलाशयों में स्थिर हवा का उपयोग करके नाव दौड़ाने की प्रतियोगिता।