Khetapur Students Nagpur ST Bus Service: नागपुर शहर के कुही तहसील का खेतापुर एक छोटा और दुर्गम क्षेत्र का गांव है। यहां की लड़कियां माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए 7 किलोमीटर दूर डोंगरगाव आती-जाती हैं। एसटी बस की सुविधा न होने के कारण कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली छात्रा टीना वैकुंठे ने अपनी इस समस्या को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया था।
गांव की इस विकट परिस्थिति को देखते हुए कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने तुरंत संज्ञान लिया और सीधे खेतापुर गांव पहुंच गए। उन्होंने टीना और उसके साथ पढ़ने वाली गांव की अन्य छात्राओं से सीधी बातचीत कर बस और अन्य समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने अपनी इस यात्रा के दौरान ही राज्य परिवहन निगम को निर्देश देकर तुरंत खेतापुर से नागपुर तक की एसटी बस सेवा का शुभारंभ टीना और उसकी सहेलियों के हाथों करवाया।
गांव के अपने दौरे के दौरान जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी अन्य परेशानियां भी जानीं। खेतापुर से डोंगरगांव तक की सड़क की मरम्मत का जायजा लेते हुए उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को आगामी सितंबर महीने से यह काम शुरू करने के निर्देश दिए।
साथ ही इस काम को ‘अमृतकाल योजना’ के अंतर्गत शामिल करने के लिए भी कहा। एसटी बस के अलावा खेतापुर गांव को नागपुर महानगरपालिका की बस सेवा का लाभ दिलाने के लिए भी प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विधायक डॉ। संजय मेश्राम, तहसीलदार अमित घाडगे, सरपंच प्रदीप खोब्रागडे उपस्थित थे।
नागपुर महानगरपालिका के बढ़ते विस्तार के बीच बेसा-पिपला-बेलतरोड़ी और कुही नगर पंचायत क्षेत्रों में घनकचरा प्रबंधन की जमीनी स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना सरकारी वाहन छोड़कर मोटरसाइकिल से क्षेत्र का दौरा किया और कचरा प्रबंधन के साथ विभिन्न नालों की स्थिति भी देखी।
बेसा-पिपला-बेलतरोड़ी नगर पंचायत क्षेत्र की आबादी करीब 75,000 है। नागपुर से निकलने वाले कई प्रमुख नाले इसी क्षेत्र से होकर आगे जाते हैं। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से घनकचरा प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी ने गांव स्तर पर इसकी व्यवस्था और क्रियान्वयन का जायजा लिया।
यह नगर पंचायत ‘हरित ब्रांड’ के रूप में अपनी पहचान बना रही है। क्षेत्र में प्रति दिन करीब 22 टन घनकचरा एकत्र होता है जिसमें लगभग 13 टन गीला कचरा शामिल है। गीले कचरे से खाद तैयार करने के लिए यहां 48 कम्पोस्ट पिट बनाए गए हैं। इसी तरह कुही नगर पंचायत की आबादी करीब 10,700 है।
यहां प्रति दिन लगभग डेढ़ से दो टन घनकचरा एकत्र किया जाता है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कचरा संकलन, निस्तारण और नालों की स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।