Khamgaon Urban Bank IT Raid: आयकर विभाग के खुफिया एवं आपराधिक जांच निदेशालय (आईएंडसीआई) की ओर से बुधवार को खामगांव अर्बन सहकारी बैंक में की गई छापेमारी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आएं हैं। 350 एकाउंट ऐसे पाए गए हैं जिनमें औसतन 30-35 लाख रुपये जमा किए गए थे।
ये लेन-देन संदिग्ध थे जिसकी जानकारी न तो खाताधारकों ने दी थी और न ही बैंक प्रबंधन ने उपलब्ध कराई थी। इन खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये जमा हैं जिसकी कोई जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई। इतना ही नहीं, इन खातों में नकद में बड़ी धनराशि भी जमा करने की बात सामने आई है।
सेविंग एकाउंट होने के बाद भी बैंक प्रबंधन सब कुछ देख रहा था। नियम होने के बाद भी पुख्ता जानकारी नहीं ली जा रही थी और न ही विभाग को दी जा रही थी। 25 करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान भी इसी प्रकार किया गया और विभाग की नजरों से छिपाया गया है।
जानकारों ने बताया कि आईएंडसीआई के अधिकारी गुरुवार को भी जांच में जुटे थे। खाताधारकों की संख्या और बढ़ सकती है। विदर्भमें सहकारी बैंक, रजिस्ट्री कार्यालय, बिल्डर, डेवलपर्स, हॉस्पिटल, ज्वेलर्स द्वारा एसएफटी नहीं जमा करने की प्रवृत्ति काफी बढ़ती जा रही है, इसलिए विभाग इन पर बहुत ही बारीक नजर लगाए हुए हैं। विदर्भ में विभाग को आशातित सफलता भी मिली है और लगभग 35,000 करोड़ सिस्टम में लाने में सफलता भी मिली है।
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छापेमारी के दौरान कुल 200 करोड़ का मामला उजागर हुआ है। इस रकम की कोई जानकारी एसएफटी के माध्यम से नहीं दी गई। इसमें से 100 करोड़ रुपये सेविंग एकाउंट में जमा किए गए है। इसी प्रकार 50 करोड़ रुपये करंट एकाउंट में पाए गए, जबकि टर्म डिपॉजिट में 25 करोड़ रुपये का मामला प्रकाश में आया है।
ब्याज भुगतान में भी 25 करोड़ रुपये की राशि छिपाई गई। जानकारों ने बताया कि खामगांव जैसे शहर में एक बैंक में 350 खातों में 30-35 लाख रुपये होना बड़ी बात है। विभागीय अधिकारियों को भी यह संशय में डाल रहा है कि एक छोटे शहर में सेविंग एकाउंट में इतनी बड़ी राशि कैसे जमा रहो रही थी और निकाली जा रही थी।