Katol school building collapse (सोर्सः सोशल मीडिया) 
नागपुर

भरभराकर गिर पड़ी ZP स्कुल की दिवार, काटोल तालुका के परसोडी में टला बड़ा हादसा, सुरक्षा पर उठे सवाल

Parsodi School Collapse: नागपुर जिले के काटोल तालुका के परसोडी गांव में जिला परिषद प्राथमिक स्कूल की जर्जर इमारत का हिस्सा गिर गया, लेकिन उस समय छात्र मौजूद नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।

आंचल लोखंडे

Nagpur ZP School Building Collapse: नागपुर जिले के काटोल तालुका स्थित लालगांव-परसोडी (बुवा) गांव में जिला परिषद प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक गिर जाने से बड़ा हादसा टल गया। यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है, जब स्कूल की इमारत का अगला हिस्सा और कुछ दीवारें भरभराकर जमीन पर गिर गईं। बिल्डिंग गिरने से आसपास ईंटों और मलबे का ढेर लग गया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

गनीमत यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त स्कूल परिसर में कोई छात्र मौजूद नहीं था। यदि उस समय छात्र-छात्राएं कक्षाओं में होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। गांव के सरपंच कमलेश डोईजोड ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रशासन को इसकी सूचना दी। बता दें कुछ माह पहले राजस्थान के झालावाड़ की स्कुल के गिरने और कई बच्चों के मौत की दर्दनाक घटना के बाद भी सरकार और प्रशासन कोई भी संज्ञान नहीं ले रहा है।

बच्चों की सुरक्षा कब होगी सुनिश्चित ?

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, स्कूल की यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। लंबे समय से इसकी मरम्मत की मांग की जा रही थी, लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण यह घटना सामने आई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की हालत काफी समय से खराब थी और कभी भी दुर्घटना हो सकती थी। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से तुरंत स्कूल की मरम्मत कराने या नई इमारत बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जल्द समाधान की मांग

गौरतलब है कि यह घटना स्थानीय विधायक चरण सिंह ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में हुई है। ऐसे में ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

फिलहाल प्रशासन को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्कूल भवन की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

स्कुल के आंगन में पेड की छांव में पढाई करते बच्चे

चौकाने वाली बात तो तब सामने आई जब घटना के बाद भी प्रशासन ने बहुत समय तक इसका संज्ञान नहीं लिया। प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी खबर लिखने तक यहा नहीं पहुंचा था। इससे भी अधिक चौकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब बच्चे स्कुल गिरने के बाद स्कुल के आंगन में पेड की छांव में पढाई करते दिखाई दिए। बता दें कि महाराष्ट्र में गर्मी भी अपने चरम पर है और बच्चों की परिक्षाएं भी सिर पर है। बावजूद इसके जिम्मेदार प्रशासन का यह लापरवाहीभरा रवैया स्कुली बच्चो के भविष्य और जान से खेलने वाला साबित हो रहा है।

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