Katol Municipal Council Archana Rahul Deshmukh: जाति प्रमाणपत्र जांच समिति की ओर से प्रमाणपत्र अवैध घोषित होते ही अब काटोल नगर परिषद में बड़ा उलटफेर होता दिखाई दे रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समिति का आदेश जारी होते ही जिलाधिकारी (कलेक्टर) कुमार आशीर्वाद ने एक सख्त कार्रवाई करते हुए काटोल नगर परिषद की अध्यक्ष अर्चना राहुल देशमुख को तत्काल प्रभाव से पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। यह अहम फैसला अर्चना देशमुख के जाति के
अवैध साबित होने के बाद लिया गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार काटोल नगर परिषद में अध्यक्ष का पद 'नागरिकों के पिछड़े वर्ग (महिला)' श्रेणी के लिए आरक्षित था। इस पद पर आसीन होने के लिए अर्चना राहुल देशमुख ने खुद को 'कुणबी' जाति का बताया था और इससे संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।
हालांकि उनके इस दावे की जब 'जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति' द्वारा जांच की गई तो समिति ने अपने आदेश में अर्चना देशमुख के कुणबी जाति के दावे को पूरी तरह से अवैध और अमान्य करार दिया। महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 के कड़े नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिनियम की धारा 9(अ) के अनुसार आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को निर्धारित समय के भीतर वैध जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। कानून की धारा 16 (1-क) यह स्पष्ट करती है कि यदि निर्धारित अवधि में वैध प्रमाणपत्र जमा नहीं किया जाता है या प्रमाणपत्र अवैध साबित हो जाता है तो संबंधित जनप्रतिनिधि को सत्यापन समिति के निर्णय की तारीख से ही अयोग्य माना जाएगा।
जानकारी के अनुसार काटोल नगर परिषद के मुख्याधिकारी द्वारा जिलाधिकारी नागपुर के संज्ञान में वस्तुस्थिति लाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। अधिनियम की धारा 44 (1) और 44 (3) के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने तत्काल प्रभाव से एक आधिकारिक पत्र जारी कर अर्चना राहुल देशमुख को अध्यक्ष पद से अयोग्य घोषित कर दिया।
यह भी पढ़ें:- आवारा पशुओं का आतंक, मनमाड में बेकाबू सांड ने बाइक सवार युवती को मारी टक्कर, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
इस महत्वपूर्ण आदेश की प्रतियां महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के सचिव, नगर विकास विभाग (मंत्रालय) के अपर मुख्य सचिव और नगरपालिका प्रशासन संचालनालय के आयुक्त सहित सभी उच्च अधिकारियों को आवश्यक और आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं। अर्चना देशमुख के अयोग्य होने के बाद अब जल्द ही काटोल नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए नए चुनाव या नई व्यवस्था की सुगबुगाहट तेज होने की संभावना है।