Nagpur Kamal Chowk Dilapidated Building NMC News: नागपुर शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक कमाल चौक पर एक बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है। यहां पर रामटेके परिवार की 1957 में बनी 69 साल पुरानी इमारत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और किसी भी क्षण ढह सकती है। हैरानी की बात यह कि खुद भवन मालिक द्वारा इमारत को गिराने की कई बार गुहार लगाने के बावजूद महानगर पालिका प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
पांचपावली हाउसिंग स्कीम के अंतर्गत आने वाले प्लॉट क्र. 671/घर क्र. 888/0 + 1 पर स्थित इस इमारत को गिराने के लिए रामटेके परिवार ने मनपा को कई बार स्मरण पत्र लिखे। मनपा के आसीनगर जोन ने महाराष्ट्र महानगर पालिका अधिनियम 2012 की धारा 264 के तहत नोटिस भी जारी किया था और 2016 (प्रकरण क्र. आरसीएस-1171/2016) में आंशिक रूप से इसे गिराने की कार्रवाई भी की गई थी किंतु इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक दुकानदार न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देकर जगह खाली करने को तैयार नहीं है।
इसके अलावा पड़ोसी बोरकर परिवार ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिनका दावा है कि इस जर्जर इमारत को गिराने से उनके घर को नुकसान पहुंच सकता है। मामला न्यायालय में होने और किरायेदार की जिद के कारण मनपा खुद को लाचार बता रही है, जबकि मनपा का विधि विभाग इसमें कोई मध्यस्थता नहीं कर रहा है।
वर्तमान में सिटी में बारिश का जोर बढ़ने के कारण इस खस्ताहाल इमारत के गिरने का खतरा और भी अधिक हो गया है। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यह चिंता इसलिए भी जायज है क्योंकि पिछले 2 दिनों में ही शहर में 2 इमारतों के हिस्से गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें से गांधीबाग में हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है।
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इस खतरे को कई गुना बढ़ाने का काम महावितरण की लापरवाही ने किया है। कमाल चौक पर पांचपावली फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। इस फ्लाईओवर की लाइटों के लिए इसी जर्जर इमारत के ठीक प्रवेश द्वार के सामने महावितरण ने एक 'डीपी' लगा दी है। इसके लिए वहां खुदाई भी की गई, जिससे इमारत की नींव को और खतरा पैदा हो गया है।