Nagpur Disabled Assistance Camp: एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए दिव्यांगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार और नागपुर महानगरपालिका पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले का एक भी दिव्यांग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। यह बातें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहीं।
सुरेश भट सभागृह में 7 अगस्त से चल रहे 'जयपुर फुट, उपकरण मापन व वितरण शिविर' के समापन समारोह को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय, मनपा, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जिला परिषद, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और टाटा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों दिव्यांगों को जयपुर फुट व सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।
समारोह में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, वित्त व योजना राज्यमंत्री आशीष जयसवाल, महापौर नीता ठाकरे, विधायक कृपाल तुमाने, संजय भेंडे, राजीव पोद्दार, मोहन मते, चरण सिंह ठाकुर, उपमहापौर लीला हाथीबेड, शिवानी दाणी-वखरे, नरेंद्र बोरकर, आयुक्त विपीन इटनकर, आशा पठाण, कलेक्टर कुमार आशीर्वाद, जिप सीईओ विनायक महामुनी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर फुट और अन्य सहायक उपकरण सरकार का उद्देश्य दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उन्हें सम्मान दिलाना है। जन्मजात या अन्य कारणों से सुन और बोल न पाने वाले बच्चों के लिए राज्य सरकार ने कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी पूरी तरह मुफ्त करने का निर्णय लिया है। एक भी दिव्यांग योजनाओं से छूटे नहीं, इसके लिए सभी के यूडीआईडी कार्ड बनाए जाएं। मिलने के बाद दिव्यांगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
मनपा इसके लिए जोन-वार विशेष शिविर लगाए। दिव्यांगों को आवास योजनाओं का लाभ भी प्राथमिकता से दिया जाएगा।
महापौर ठाकरे ने कहा कि इस शिविर के माध्यम से जिले के लगभग 4,000 लाभार्थियों को मदद पहुंचाई गई है।
मनपा द्वारा दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए कुल 14 योजनाएं चलाई जा रही हैं।
भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के प्रमुख पीआर मेहता का मुख्यमंत्री ने सत्कार किया।
श्यामसुंदर शर्मा व प्रशांत उगेमुगे का भी सम्मान किया गया।