साइबर ठगी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर में इतवारी के अनाज कारोबारी से 9.97 लाख की साइबर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर भेजा था फर्जी APK लिंक

Nagpur Cyber Fraud: नागपुर के इतवारी में एक अनाज कारोबारी से इंडसइंड बैंक का प्रतिनिधि बनकर ₹9.97 लाख की ठगी की गई। शातिर ठग ने व्हाट्सएप पर APK लिंक भेजकर बैंकिंग डेटा चुरा लिया।

रूपम सिंह

Nagpur Cyber Fraud APK Link Scam: नागपुर के इतवारी क्षेत्र में रहने वाले एक अनाज कारोबारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठग ने खुद को इंडसइंड बैंक का प्रतिनिधि बताकर बैंकिंग एप्लिकेशन अपडेट करने का झांसा दिया और कारोबारी के खाते से 9.97 लाख रुपये निकाल लिए। मामले में नागपुर शहर साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

APK लिंक भेजकर हासिल की गोपनीय जानकारी

पुलिस के अनुसार इतवारी निवासी कैलाश ब्रिजप्रसाद अग्रवाल (64) का इंडसइंड बैंक की छापरूनगर शाखा में खाता है। 9 मई की शाम वह अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए नया मोबाइल बैंकिंग एप डाउनलोड करने की सलाह दी। कुछ देर बाद उसने व्हाट्सएप पर एक APK लिंक भेजा, जिसे खोलकर कारोबारी ने एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद एप में बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन सहित अन्य गोपनीय जानकारी दर्ज कर दी, जिससे ठग को बैंक खाते तक पहुंच मिल गई।

आईएमपीएस के जरिए चार बार में उड़ाए रुपये

जानकारी दर्ज होने के कुछ ही समय बाद कारोबारी के मोबाइल पर लगातार ओटीपी और ट्रांजेक्शन के संदेश आने लगे। जांच में पता चला कि साइबर ठग ने आईएमपीएस (IMPS) के माध्यम से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 9.97 लाख रुपये खाते से निकाल लिए।

साइबर पोर्टल पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर नागपुर शहर साइबर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और रकम की ट्रेल खंगाल रही है।

साइबर पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए APK लिंक या अन्य संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें। बैंक कभी भी फोन, व्हाट्सएप या लिंक के माध्यम से ग्राहकों से डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन, ओटीपी या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहता। ऐसे किसी भी कॉल या संदेश की तुरंत संबंधित बैंक या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

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