High Court Rejected Petition: आईपीएल 2024 टी20 क्रिकेट मैच पर सट्टेबाजी को लेकर दर्ज एफआईआर और चार्जशीट रद्द करने की मांग को लेकर तन्मय बंड ने याचिका दायर की जिस पर लंबी बहस के बाद न्यायाधीश उर्मिला जोशी फालके और न्यायाधीश नंदेश देशपांडे ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिक स्तर पर पुख्ता सबूत होने का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी। महाराष्ट्र जुआ अधिनियम (Maharashtra Gambling Act) की धारा 4 और 5 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 5 अप्रैल 2024 को रात लगभग 8 बजे गश्त के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अमित मिश्रा और उसके सहयोगी टाटा आईपीएल 2024 टी20स क्रिकेट मैच (चेन्नई सुपर किंग बनाम सनराइजर्स हैदराबाद) पर अमित मिश्रा के घर पर मोबाइल फोन और लैपटॉप की मदद से सट्टा लगा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद डीसीपी जोन-2 को सूचित किया गया और उनके निर्देशों पर छापेमारी की गई।
पंचों के साथ छोटा जमील लेआउट, गुलमोहर प्लाजा, मानकापुर स्थित अमित मिश्रा के घर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान अमित मिश्रा घर से बाहर आया। घर की तलाशी ली गई और तन्मय को भी मौके पर मोबाइल फोन संभालते हुए पाया गया। जांच के दौरान जब्त किए गए उपकरणों से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। अमित मिश्रा के मोबाइल हैंडसेट में ‘क्रिकेट लाइन गुरु एप’ पर चेन्नई सुपर किंग और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच टी20 क्रिकेट मैच के लाइव स्कोर बदलते हुए दरों के साथ पाए गए। लैपटॉप की स्क्रीन पर ‘शुभ लाभ 0542 एप’ पर क्रिकेट मैच सट्टेबाजी का विस्तृत विवरण मिला जिसमें राशि, दर, पक्ष, पार्टी का नाम, सीएसके, हाइड्र शामिल थे। पार्टी के नाम वाले कॉलम में 16 नाम (जैसे दीपू, अमन, कार्तिक, मोहसिन) और एक अन्य कॉलम में 22 नाम (जैसे विशाल, घूमजा) पाए गए जो क्रिकेट पर सट्टा लगा रहे थे। लैपटॉप से ‘शुभ लाभ 0542 एप’ के स्क्रीनशॉट लिए गए।
पूछताछ के दौरान सह-आरोपी अमित मिश्रा ने खुलासा किया कि लैपटॉप में ‘शुभ लाभ 0542 एप’ उसे सलमान मेमन ने दिया था और वह सट्टेबाजी की राशि सलमान मेमन को भेजता था जिस पर उसे कुछ कमीशन मिलता था। तन्मय बंड ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि मौके पर उसकी उपस्थिति के अलावा उसके खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप या सबूत नहीं है और उसके पास से केवल एक मोबाइल फोन जब्त किया गया था।
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इसलिए उसके खिलाफ कोई प्रथमदृष्टया मामला नहीं बनता। सरकारी पक्ष ने याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान तन्मय बंड से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया था और वह 5 अप्रैल 2024 को सह-आरोपी के साथ क्रिकेट सट्टेबाजी में शामिल पाया गया था। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने उक्त आदेश जारी किया।