Nagpur Vidarbha Factory Blast: नागपुर विदर्भ क्षेत्र में स्थित विस्फोटक निर्माण इकाइयों में हो रहे जानलेवा हादसों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता जम्मू आनंद की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। गुरुवार को न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे के समक्ष याचिका पर सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे उप सॉलिसिटर जनरल शुक्ल ने केंद्र सरकार की ओर से हलफनामा दायर किया जिसमें विस्फोट की इस गंभीर घटना के मद्देनजर विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 1 ए के तहत विशेष और विशेषज्ञ जांच समिति का गठन होने की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि चूंकि याचिका में किए गए अनुरोधों को पूरी तरह से हल कर दिया गया है, अतः याचिका को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधि। अरविंद वाघमारे की ओर से आपत्ति जताई गई। कड़ी बहस के बाद इस पर हलफनामा दायर करने के लिए समय देने का अनुरोध किया गया जिसे स्वीकार कर हाई कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधि। वाघमारे ने अदालत में चिंता व्यक्त की कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जांच में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि पिछली कई घटनाओं की तरह इस बार भी जांच रिपोर्ट को शायद सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
अदालत में पेश की गई जानकारी के अनुसार, उच्च स्तरीय जांच समिति को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। यह समय सीमा 3 जुलाई को ही समाप्त हो चुकी है।
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इसके अलावा एक अन्य आदेश की मियाद भी 8 या 9 जुलाई को खत्म हो चुकी है और इसे आगे बढ़ाने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि राज्य द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में भी यह बात स्वीकार की गई है कि इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।