Nagpur Gram Panchayat Elections Finance: नागपुर जनवरी महीने में जिले की 124 ग्राम पंचायतों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से कामकाज संचालित करने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई है। राज्य सरकार ने फरवरी माह में तत्कालीन सरपंचों को प्रशासक तथा ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रशासक समिति का सदस्य नियुक्त किया है। जब तक चुनाव नहीं होते तब तक सरपंच व सदस्य भी नहीं होंगे।
जब तक नये सरपंच व सदस्य पदभार ग्रहण नहीं कर लेते तब तक 16वें वित्त आयोग से मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए जो निधि प्रदान की जाती है वह भी नहीं दी जा सकेगी। मतलब यह की चुनाव जब तक लटका रहेगा तब तक वित्त आयोग की निधि भी इन ग्राम पंचायतों को नहीं मिलेगी। यही नियम है और इसके चलते 124 ग्राम पंचायतों के विकास कार्य भी लटके ही रहेंगे।
सरकारी नियमों के अनुसार वित्त आयोग का अनुदान केवल निर्वाचित ग्राम पंचायतों को ही वितरित किया जाता है, इसलिए जब तक ग्राम पंचायत चुनाव नहीं हो जाते और नए सरपंच एवं सदस्य पदभार ग्रहण नहीं कर लेते तब तक प्रशासक वाली ग्राम पंचायतों को यह निधि उपलब्ध नहीं होगी। इसके चलते कई विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
16वें वित्त आयोग का अनुदान गांव की जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इस निधि का उपयोग गांवों में मूलभूत सुविधाओं, आधारभूत ढांचे के विकास, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, आंतरिक सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य विकास कार्यों के लिए किया जाता है।
निधि खर्च करने से पहले ग्राम सभा द्वारा अगले 5 वर्षों के लिए डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी देना अनिवार्य होता है। ग्राम सभा की स्वीकृति मिलने के बाद ही वित्त आयोग की राशि से विभिन्न विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं लेकिन प्रशासकों को नया विकास मसौदा मंजूर करने अथवा नए विकास कार्यों को स्वीकृति देने का अधिकार नहीं होने के कारण फंड वितरण की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।
नागपुर ग्रामीण तहसील के पांजरी (बु.) गांव की ग्राम पंचायत ती जिले की एकमात्र ऐसी ग्राम पंचायत है जहां कृषि विस्तार अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है। शेष अधिकांश ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंच ही प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:-नागपुर: WCL कोयला घोटाला: सैंपलिंग रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद एक्शन में CBI, SECR के अधिकारी
जब तक प्रशासकों का कार्यकाल होगा तब तक निधि नहीं मिलेगी और इससे विकास कार्य प्रभावित होना तय है। उम्मीद की जा रही है कि ग्रापं चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद नए निर्वाचित प्रतिनिधि पदभार संभालेंगे। इसके बाद ग्राम सभा आयोजित कर विकास योजना को मंजूरी दी जाएगी और तभी 16वे वित्त आयोग की निधि का वितरण शुरू हो सकेगा तथा विकास को गति मिलेगी।
| तहसील | ग्राम पंचायतों की संख्या |
|---|---|
| नागपुर | 10 |
| हिंगना | 5 |
| कलमेश्वर | 5 |
| कामठी | 7 |
| सावनेर | 11 |
| पारशिवनी | 10 |
| रामटेक | 8 |
| काटोल | 3 |
| नरखेड़ | 17 |
| कुही | 24 |
| उमरेड | 15 |
| भिवापुर | 2 |
| मौदा | 7 |
| कुल | 124 |