Godhani Water Treatment Plant Gas Leak Video: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। गोधनी इलाके में स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का भीषण रिसाव हो गया। हादसे के दौरान 900 किलोग्राम क्षमता वाले क्लोरीन गैस सिलेंडर रखे थे, जिसमें से एक से अचानक गैस लीक होने लगी। देखते ही देखते गैस आसपास के आवासीय इलाकों में फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
रात के अंधेरे में लोगों को आंखों में जलन, तेज खांसी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। घटना की खबर फैलते ही अग्निशमन दल, मानकापुर पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
घटना नागपुर के गोधनी स्थित ऑरेंज सिटी वाटर (OCW) के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की है। पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया के लिए यहां 900-900 किलोग्राम क्षमता के विशाल क्लोरीन गैस टोनर (कंटेनर) रखे गए थे।
NDRF के अधिकारी बृजेश ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि यहां आज रात करीब 12:30 बजे के आसपास क्लोरीन गैस रिसाव की सूचना मिली। चूंकि यह जल संशोधन केंद्र है, इसलिए यहां पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन का उपयोग होता है।
NDRF के अधिकारी बृजेश ने बताया कि यहां 900-900 किलो के दो क्लोरीन टोनर रखे थे, जिनमें से एक में अचानक लीकेज हो गई। उस समय हवा चल रही थी, जिसकी वजह से जहरीली गैस तेजी से आसपास की घनी आबादी वाली बस्ती में फैल गई। नतीजतन, सोते हुए लोगों को अचानक दम घुटने और सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी।
इस घटना के बाद का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह क्लोरीन गैस का घना और जहरीला धुआं सिलेंडर से तेजी से बाहर निकल रहा है। वीडियो में राहत और बचाव दल विशेष सुरक्षा किट और गैस मास्क पहनकर स्थिति को संभालने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं।
NDRF और अग्निशमन विभाग के विशेषज्ञों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद विशेष सुरक्षा उपकरणों और रसायनों का उपयोग करके 900 किलो के उस लीक हो रहे टोनर को न्यूट्रलाइज किया और रिसाव को पूरी तरह से बंद किया। समय रहते रिसाव पर काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रभावित लोगों का इलाज जारी है और स्थिति नियंत्रण में है।
गैस रिसाव की खबर मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और OCW की विशेषज्ञ टीमों को भी बुलाया गया।
मानकापुर पुलिस और बचाव कर्मियों ने पीड़ितों और आसपास की बस्ती के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। जिन लोगों को अत्यधिक खांसी, उल्टी या सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही थी, उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।