Nagpur Fire Department: नागपुर जिले में अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग ने छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाए जा रहे ट्यूशन क्लासेज पर भले ही बड़ी और सख्त कार्रवाई का दावा किया हो किंतु स्थिति इसके विपरीत है। 141 इमारतों में सुरक्षा खामियों के बावजूद केवल 40 इमारतों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने का आदेश जारी कर चुप्पी साध ली गई है।
विभाग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार जिन इमारतों (ट्यूशन क्लासेस) ने अस्थायी या अंतिम अग्नि सुरक्षा मान्यता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया था उनके खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत कड़े कदम उठाए गए हैं। आश्चर्यजनक यह है कि देश में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी सत्तापक्ष की ओर से सतर्कता को लेकर किसी तरह की बैठक नहीं हो पाई है। पूरा सत्तापक्ष केवल बजट निपटाने की तैयारी में जुटा हुआ है।
बताया जाता है कि अग्निशमन विभाग ने इस पूरी कार्रवाई को केवल अपने स्तर तक सीमित नहीं रखा है बल्कि संबंधित जोनल कार्यालयों को भी इसके लिए सूचित किया है। जानकारी के मुताबिक इस पूरी कार्रवाई और स्थिति से अवगत कराने के लिए झोन कार्यालयों को 60 पत्र भेजे गए हैं। किंतु जोनल कार्यालयों क ओर से अब तक किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया।
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक अग्निशमन विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जानी थी। अग्निशमन विभाग के दावों के अनुसार आग बुझाने के पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने के कारण कुल 141 ट्यूशन क्लास इमारतों पर सख्त कार्रवाई की गई है जिनमें संभावित खतरे को देखते हुए 103 इमारतों से लोगों को खाली करने के लिए धारा 8(1) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
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यहां तक कि धारा 8(2) (क) के तहत 40 ऐसी ट्यूशन इमारतों की बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह से काटने के आदेश जारी किए गए थे। जानकारी के अनुसार अग्निशमन विभाग द्वारा कार्रवाई के नाम पर केवल संबंधित विभागों को सूचना दी गई है, जबकि कार्रवाई नगण्य है।