FSSAI Rules For Mahaprasad: गणेशोत्सव शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने महाप्रसाद और सार्वजनिक तौर पर बांटे जाने वाले भोजन को लेकर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। FDA के आयुक्त तुकाराम मुंढे की सक्रियता के बाद गणेश मंडलों में भी खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर हलचल तेज हो गई है। विभाग की ओर से मंडलों को महाप्रसाद के आयोजन के लिए लागू लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की स्थिति पहले ही स्पष्ट करने की अपील की जा रही है।
महाप्रसाद के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन कोई नया प्रावधान नहीं है। हालांकि, इस बार नियमों के पालन को लेकर विभाग की सक्रियता के कारण आयोजकों में कार्रवाई को लेकर चिंता ज्यादा दिखाई दे रही है।
एफएसएसएआई के मुताबिक खाद्य कारोबार करने वाले प्रत्येक खाद्य व्यवसाय संचालक के लिए लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है। धार्मिक स्थलों पर प्रसाद, भंडारा या लंगर जैसे आयोजनों को लेकर एफएसएसएआई की गाइडलाइन भी स्पष्ट करती है कि मुफ्त में भोजन बांटे जाने से खाद्य सुरक्षा नियमों की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।
इसका मतलब है कि किसी गणेश मंडल, मंदिर, संस्था या समूह की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार कर बांटा जा रहा है तो लागू नियमों का पालन जरूरी हो सकता है। हालांकि, किसी खास आयोजन के लिए कौन सा लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन लागू होगा, यह आयोजन के स्वरूप और गतिविधि पर निर्भर कर सकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपलिंग कर सकते हैं। उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार जुर्माना, लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है।
एफएसएसएआई ने धार्मिक आयोजनों के लिए खाद्य स्वच्छता और सुरक्षित संचालन पर भी जोर दिया है।
महाप्रसाद बनाने और बांटने वाले आयोजकों को साफ-सफाई, भोजन तैयार करने वालों की व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पानी और उचित भंडारण पर खास ध्यान देना होगा। भोजन को धूल, गंदगी और कीड़ों से बचाकर रखना होगा। बासी या खराब भोजन बांटने से बचना भी जरूरी है।
बड़ी मात्रा में भोजन तैयार करने वाले मंडलों को आयोजन से पहले अपने लिए लागू लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की स्थिति जांच लेने की सलाह दी जा रही है। एफएसएसएआई FoSCoS सिस्टम पर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रिया उपलब्ध है।
इस बार गणेशोत्सव में महाप्रसाद की सुरक्षा पर एफडीए की नजर कितनी सख्त रहती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।