Mahabhulekh Income Tax EWS Limit: नागपुर जिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इंडब्ल्यूएस) के लिए जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल क्यूआर कोड, फोटो और एक समान प्रारूप तक सीमित रखने के बजाय आयकर विभाग और महाभूलेख के रिकॉर्ड से ऑनलाइन जोड़ा जाए।
ईडब्ल्यूएस आवेदक और उसके परिवार के सदस्यों की आय तथा जमीन-मकान से संबंधित जानकारी की ऑनलाइन और वास्तविक समय में पड़ताल के लिए सक्षम व्यवस्था तैयार करने की मांग को लेकर अधि. संदीप बदाना की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।
सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के परिवारों का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश सरकार को दिए। जालसाजी रोकने में मिलेगी मदद याचिकाकर्ता का कहना है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र पर क्यूआर कोड लगाने से दस्तावेज की जालसाजी रोकने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे प्रमाणपत्र में दर्ज मूल जानकारी की सत्यता स्वतः साबित नहीं होती।
यदि परिवार की कुल आय या संपत्ति की जानकारी ही अधूरी अथवा गलत दर्ज की गई हो, तो क्यूआर कोड के माध्यम से उस प्रमाणपत्र को सत्यापित करने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। इसलिए प्रमाणपत्र जारी करने से पहले संबंधित परिवार की आय और संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान आवश्यक है।
महाराष्ट्र राज्य के राजस्व एवं वन विभाग ने 20 अप्रैल 2026 को परिपत्र जारी कर ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों पर क्यूआर कोड और फोटो के साथ पूरे राज्य में एक समान प्रारूप लागू किया है। याचिकाकर्ता ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रमाणपत्रों की भौतिक जालसाजी और उनमें छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि उनके अनुसार मौजूदा व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि प्रमाणपत्र में दर्ज परिवार की आय और संपत्ति का विवरण वास्तविक है या नहीं। याचिका में दावा किया गया है कि वर्तमान प्रक्रिया में आवेदक द्वारा दी गई जानकारी और स्वयं के घोषणापत्र पर काफी निर्भरता है।
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की और से 3 वर्ष के आय प्रमाणपत्र का हवाला दिया गया। इस पर हाई कोर्ट ने यह सवाल उठाया कि केवल आय प्रमाणपत्र के आधार पर परिवार की कुल आय 8 लाख रुपये की निर्धारित सीमा से कम होने की पुष्टि किस प्रकार होगी।
विशेष रूप से पति-पत्नी अथवा परिवार के अन्य आय अर्जित करने वाले सदस्यों की आय का अनिवार्य विवरण और घोषणा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वास्तविक पारिवारिक आय का आकलन कैसे किया जाएगा, यह मुद्दा सामने आया।
अदालत ने संबंधित उम्मीदवार के आवेदन से जुड़ी पूरी फाइल अगली सुनवाई तक न्यायालय में पेश करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए। इससे ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में प्रस्तुत दस्तावेजों और की गई जांच का रिकॉर्ड न्यायालय के समक्ष आएगा।