Nagpur Forest Department News: नागपुर जिले में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक पर्यटन विकास को विशेष प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने 48.40 हेक्टेयर शासकीय भूमि वन विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से जिले में पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह सफलता राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निरंतर प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। इस भूमि में मौजा बेल्लोरी (खुर्द) के सर्वे क्रमांक 81 की 30.40 हेक्टेयर आर भूमि तथा चांपा के सर्वे क्रमांक 116 (पहाड़ खड़क) की 18 हेक्टेयर आर भूमि शामिल है।
उक्त भूमि उपवन संरक्षक, नागपुर वन विभाग, नागपुर के नाम पर बिना भोगवट मूल्य तथा राजस्व मुक्त आधार पर मंजूर की गई है। बावनकुले ने जिले में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी थी।
भूमि का उपयोग केवल प्राकृतिक पर्यटन विकास के लिए ही किया जा सकेगा, भूमि का कब्जा मिलने के बाद एक वर्ष के भीतर प्राकृतिक पर्यटन परियोजना को शुरू करना अनिवार्य होगा।
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सभी विकास कार्य स्थानीय नियोजन प्राधिकरण के नियमों तथा संबंधित शासकीय विभागों की पूर्व स्वीकृति के अनुसार ही किए जाएंगे। यदि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होता है तो सरकार को उक्त भूमि वापस अपने अधीन लेने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस निर्णय से नागपुर जिले की पर्यटन क्षमता में वृद्धि होगी तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।