हाई प्रोफाइल अंदाज में ठगी, नौकरी और कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा, नागपुर में 92.44 लाख का फ्रॉड

Nagpur Fraud News: नागपुर में एक युवक ने खुद को वन विभाग और मेट्रो का अधिकारी बताकर नौकरी व टेंडर दिलाने के नाम पर 92.44 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
High-profile fraud: Nagpur man duped of ₹92.44 lakh with promises of jobs and contracts.
नागपुर ठगी, नौकरी घोटाला, (सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Job Scam News: नागपुर जिले में किसी को वन विभाग तो किसी को मेट्रो का उच्च अधिकारी बताकर एक 'नटवरलाल' ने कॉन्ट्रैक्ट और नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों को ठग लिया। लोगों को अपने झांसे में लेकर आरोपी 92.44 लाख रुपये की ठगी करके फरार हो गया। यह मामला सोनेगांव थाना में सामने आया। पुलिस ने मंगलधाम सोसाइटी, कोराडी रोड निवासी अंगद गुलाब खैरे (39) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपी द्वारकापुरी, पिंपरी चिंचवड़ निवासी विवेक श्याम कांबले (29) बताया गया। अंगद व्यवसायी हैं, उनके दोस्त बाबूराव यादव का मिहान में डीवाई पाटिल क्रिकेट क्लब है।

अंगद उनसे मिलने और क्रिकेट खेलने के लिए मैदान पर जाते थे। विवेक भी वहीं क्रिकेट खेलता था। अक्टूबर 2025 में दोनों की पहचान हुई। विवेक ने अंगद को बताया कि वह महाराष्ट्र वन विभाग में उच्च पद पर कार्यरत है। वन विभाग में निकलने वाले सभी टेंडर वही पास करता है। उसने अपना पहचानपत्र भी दिखाया और कई लोगों को टेंडर दिलाने और मुनाफा कमाकर देने की जानकारी दी। उसके रहन-सहन और बातों से वह वाकई में अधिकारी लग रहा था, इसीलिए अंगद को उस पर भरोसा हो गया।

टेंडर दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी का आरोप

विवेक ने अंगद को टेंडर दिलाने का आश्वासन दिया। सबसे पहले उसने अपनी कंपनी स्थापित कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा। अंगद ने दक्षिता इंटरप्राइजेस नामक कंपनी स्थापित की। इसके बाद विवेक ने कहा कि उनकी कंपनी वन विभाग में अधिकृत वेंडर नहीं है, इसीलिए उन्हें साईं इंटरप्राइजेस नामक फर्म से केबल खरीदकर दूसरी कंपनी को सप्लाई करना होगा। अंगद ने उसके कहे अनुसार साईं इंटरप्राइजेस के खाते में 6.44 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए लेकिन माल नहीं मिला। पहले तो विवेक ने टालमटोल की और बाद में फोन उठाना ही बंद कर दिया। अंगद ने जांच कि तो विवेक कांबले नामक कोई अधिकारी वन विभाग में कार्यरत नहीं होने का पता चला। इसके बाद में साईं इंटरप्राइजेस के संचालक नागेश उत्तेकर से मिले।

कुल 20 फंसे जाल में

नागेश ने बताया कि उनके द्वारा भेजी गई राशि पहले ही विवेक के खाते में ट्रांसफर कर दी थी। अंगद की तरह ही विवेक ने नागेश और उनके मित्र आकाश हजारे को मेट्रो रेल में उच्च पद पर कार्यरत होने की जानकारी दी थी। उनसे भी टेंडर दिलाने के लिए मोटी रकम ली गई। यहां तक कि क्रिकेट क्लब के संचालक बाबूराव को भी उनके रिश्तेदारों को मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा था।

अंगद के अलावा 19 लोगों को विवेक ने अपने जाल में फंसाया, किसी को नौकरी दिलाने और किसी को टेंडर दिलाने का झांसा देकर पैसा लेता रहा। सभी के 92.44 लाख रुपये लेकर वह फरार हो गया। पुलिस को संदेह है कि विवेक ने इसी तरह और भी लोगों को ठगा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि विवेक ने उनके साथ भी धोखाधड़ी की है तो सोनेगांव थाने से संपर्क करें।

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