Nagpur Laser Light Sound System Ban: नागपुर में आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने बड़ा फैसला लिया है। अगले 2 महीने तक शहर में किसी भी जुलूस में डीजे और लेजर-बीम लाइट के उपयोग पर पाबंदी लगा दी है। गुरुवार को धारा 163 के तहत उन्होंने यह आदेश जारी किया। इससे शहरभर के गणेश मंडल के पदाधिकारियों में खलबली मच गई है।
नागपुर में आगामी जन्माष्टमी, दही-हांडी, पोला, तान्हा पोला, ताजुद्दीन बाबा की छब्बीसी, गणेशोत्सव, विसर्जन, धम्मचक्र प्रवर्तन दिन, दुर्गा उत्सव आगमन व विसर्जन में विविध प्रकार के साउंड सिस्टम और मॉडीफाइड साउंड सिस्टम वाहनों का उपयोग किया जाता है।
इससे विभिन्न मंडलों के पदाधिकारी, कार्यक्रम के आयोजक, संगठन, पार्टियों के कार्यकर्ता और पुलिस के बीच वाद-विवाद होता है। इससे तनाव निर्माण होता है और कानून-व्यवस्था बिगड़ती है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 की ध्वनि मर्यादा का उल्लंघन होता है।
इसके साथ ही उत्सव के दौरान बीम लाइट और लेजर लाइट का उपयोग किया जाता है। इससे सामान्य नागरिकों की आंखों में परेशानी होती और स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बना रहता है।
वाहन चालक भी इससे प्रभावित होते हैं। इसीलिए आने वाले त्योहारों के दौरान सभी कार्यक्रमों के आयोजक, पदाधिकारी और साउंड सिस्टम संचालक, वाहन धारक और लाइट सिस्टम के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि 4 सितंबर से 1 नवंबर 2026 तक सभी प्रकार के डॉल्बी साउंड, प्लाजमा साउंड, प्रेशर मिड सिस्टम, मॉडीफाइड साउड सिस्टम, बीम लाइट और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है।
भारतीय नागरकि सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। जारी की गई अवधि के दौरान ऐसे किसी उपकरण का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके साथ ही सभी को अपने साउंड और लाइट उपकरण खुद के कब्जे में सील करके रखने होंगे।
नागपुर सिटी में आगामी गणेशोत्सव और त्योहारों के मद्देनजर पुलिस द्वारा डीजे और लाउडस्पीकर पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां भाजपा नेता और पूर्व महापौर संदीप जोशी ने पुलिस आयुक्त के इस फैसले का स्वागत किया है वहीं दूसरी तरफ भाजपा विधायक प्रवीण दटके और विश्व हिंदू परिषद ने इसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है।
उन्होंने खुलकर घोषणा की कि चाहे पुलिस मामले दर्ज करे या कार्रवाई करे, 6 तारीख को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा में डीजे जरूर बजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी हिंदू त्योहारों में डीजे का उपयोग किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद (नागपुर) के मंत्री अमोल ठाकरे ने भी इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि कानून अलग-अलग धर्मों के लिए अलग नहीं हो सकता।
ठाकरे ने कहा कि ईद से पहले पुलिस आयुक्त (विश्वास नांगरे पाटिल) को डीजे पर प्रतिबंध लगाने के लिए लिखित शिकायत दी गई थी लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब हिंदू त्योहारों के ठीक पहले यह प्रतिबंध थोपा जा रहा है।
भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने पुलिस प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें डीजे पर प्रतिबंध से आपत्ति नहीं है लेकिन यह आदेश हमेशा हिंदू त्योहारों के ठीक पहले ही क्यों जारी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि मारबत, बडग्या, पोला, गणेशोत्सव और नवरात्रोत्सव के आगमन पर ही पुलिस परिपत्रक जारी करती है। अन्य धर्मों के त्योहारों के समय ऐसा आदेश क्यों नहीं निकाला जाता।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह कदम केवल हिंदू त्योहारों को बाधित करने के लिए उठाया गया है तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक प्रवीण दटके ने एक भाजपा कार्यकर्ता, गणेश मंडल के सदस्य और हिंदू के रूप में पुलिस आयुक्त से इस परिपत्रक को तुरंत वापस लेने की मांग की है।