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नागपुर की दीक्षाभूमि में 18 से 20 अक्टूबर तक तीन दिवसीय धम्मदीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा।
पहले दिन सुबह 9:30 बजे भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम शुरू करेंगे।
भिक्खु संघ द्वारा धम्मदीक्षा दी जाएगी और दीक्षा लेने वालों को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे।
देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बौद्ध अनुयायियों के पहुंचने की जानकारी है।
Dr Babasaheb Ambedkar Smarak Samiti: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ऐतिहासिक धम्मक्रांति की साक्षी पवित्र दीक्षाभूमि एक बार फिर बुद्ध वंदना और धम्म के मंगल स्वरों से गूंजेगी। तथागत गौतम बुद्ध के धम्म को स्वीकार करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ हो विदेशों से भी उपासक-उपासिकाएं और अनुयायी यहां पहुंचेंगे।
रविवार, 18 अक्टूबर से शुरू होने वाला तीन दिवसीय धम्मदीक्षा समारोह 20 अक्टूबर तक चलेगा। डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि और अखिल भारतीय भिक्खु संघ के सहयोग से कई वर्षों से इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
दीक्षाभूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई ने इस संबंध में जानकारी दी। समारोह के पहले दिन रविवार सुबह 9.30 बजे भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
इसके बाद भिक्खु संघ द्वारा उपासक-उपासिकाओं को धम्मदीक्षा दी जाएगी। दीक्षा ग्रहण करने वालों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर भंते नागसेन, भंते प्रज्ञाबोधी, भंते धम्मविजय, भंते महानागा, भंते कुमारकश्यप, भंते धम्मप्रकाश, भंते नागप्रकाश मौजूद रहे।
विजयादशमी और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के मद्देनजर महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा शेरसिंगजी डागोर ने 16 अक्टूबर को दीक्षाभूमि परिसर का निरीक्षण किया, उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को अभिवादन कर श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, यातायात, सुरक्षा और आवास संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, मनपा के अधिकारी, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर दीक्षाभूमि में अनुयायियों का आगमन शुरू हो गया है। मुख्य समारोह में अभी तीन दिन शेष हैं, लेकिन 14 अक्टूबर से ही परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देने लगी है।
देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बौद्ध अनुयायी नागपुर पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, दिल्ली और पूर्वोत्तर के राज्यों से बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंच चुके हैं। इसके चलते इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक भीड़ होने का अनुमान जताया जा रहा है।