Nagpur Congress Protest Fuel Price Hike: नागपुर पेट्रोल-डीजल की दर वृद्धि और बढ़ती महंगाई के खिलाफ शहर व जिला कांग्रेस ने संविधान चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकाला। शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे व जिलाध्यक्ष अश्विन बैस के नेतृत्व में निकाले गए इस मोर्चा में बड़ी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकतों शामिल हुए, संविधान चौक से जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जब मोर्चा ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्च किया तब रास्ते में पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड लांघकर आगे कूच किया। इसी दौरान पुलिस कर्मियों से कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की भी हुई।
पुलिस ने अनेक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर वहां से हटाया। इस दौरान केंद्र सरकार की गलत नितियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, सांसद श्यामकुमार बर्वे, पूर्व मंत्री नितिन राऊत, सुनील केदार, अनीस अहमद, विधायक संजय मेश्राम, कुंदा राऊत, अशोक धवड़, नितिन कुंभलकर, याज्ञवल्क्य जिचकार, किशोर कन्हेरे, संगीता तलमले, अश्विन नवाले, संजय दुबे, ओवेश कादरी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। मोर्चा के बाद शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
शहर अध्यक्ष गुडधे ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता इसी तरह सड़कों पर उतरते रहेंगे, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते आज ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं। परिवहन महंगा होने के चलते जीवनावश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं। लोगों को इस परेशानी से राहत देने की जरूरत है। सरकार को पेट्रोल-डीजल के दाम तत्काल कम करना चाहिए, डीजल नहीं मिलने से किसानों के ट्रैक्टर थम रहे हैं। खेती करना दूभर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीबों का तो दूर मध्यमवर्गीय परिवारों का जीना बेहाल हो गया है। आर्थिक रूप से वे परेशानी का सामना कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में पोस्टर्स व बैनर लेकर मोर्चा में शामिल हुए। मोर्चा में अवंतिका लेकुरवाडे, सुरेश जम्यासी, नयना झाडे, सुजाता कोंबाडे, दिनेश यादव, मनोज गावंडे, शीला तराले, रामा उके, कुमुदिनी गुडधे, बंडोपंत टेंभुर्णे, ओएस कादरी, अभिषेक धवड सहित महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पूर्व मंत्री नितिन राऊत ने मोर्चा के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने को लेकर तीव्र नाराजी जताते हुए कहा कि जनता की आवाज को पुलिस की मदद से दबाने का प्रयास सरकार कर रही है, सरकार की गलत नीतियों के कारण जनता का जीवन सवाट में आता जा रहा है और राहत देने की बजाय ये सरकार तानाशाहीपूर्ण तरीका अपना रही है।
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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाये जाने से जनता त्रस्त हो गई है। इस सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो दाम 200 रुपये लीटर तक जा सकता है, रासायनिक खाद का संकट भी आने की आशंका है जिससे खेती प्रभावित होगी। इस सरकार की गलत नीतियों का दुष्परिणाम आज जनता को भुगतना पड रहा है, सरकार को तत्काल दर वृद्धि वापस लेना थाहिए।