हर्षवर्धन सपकाल (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

कांग्रेस में टिकट का संग्राम! 620 इंटरव्यू के बाद भी फैसले पर सस्पेंस, 16 को होगा बड़ा खुलासा

Congress Interview Controversy: नागपुर में नगर परिषद-नगर पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकट को लेकर गुटबाजी तेज। 620 से अधिक इंटरव्यू के बाद भी निर्णय अधर में। उम्मीदवार 16 नवंबर को घोषित होंगे।

प्रिया जैस

Congress Local Body Election Nagpur: नागपुर जिले की 27 नगर परिषदों व नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों के लिए 2 दिसंबर को चुनाव होने वाला है। उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया के तहत जिलाध्यक्ष अश्विन बैस द्वारा बुलाई गई 7 नवंबर की बैठक में करीब 550 इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू का दावा किया गया था। इंटरव्यू पूर्व मंत्री सुनील केदार, राजेन्द्र मूलक व सुरेश भोयर आदि की उपस्थिति में लिये गए थे।

बैठक की सूचना नहीं देने और केवल केदार गुट के लोगों के ही इंटरव्यू लेने की शिकायत दूसरे गुट ने प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से की थी। नाटकीय घटनाक्रम में सपकाल ने निरीक्षकों को भेजकर उस बैठक को अवैध घोषित कर जिलाध्यक्ष को दूसरी बैठक लेने के निर्देश दिये थे। इसके चलते 12 नवंबर को जिला पर्यवेक्षक वीरेन्द्र जगताप, विधानसभा पर्यवेक्षक तातू देशमुख, अभ्युदय मेघे की उपस्थिति में दोबारा इंटव्यू लिये गए लेकिन इसमें केवल 70 इच्छुक उम्मीदवार ही आए।

साक्षात्कार किए रद्द

इससे राजनीतिक महकमे में यह चर्चा शुरू हो गई कि 7 नवंबर को जिन इच्छुकों के साक्षात्कार लिये गए हैं वे सारे रद्द कर दिये गये हैं। हालांकि जिलाध्यक्ष बैस ने दावा किया है कि कोई भी बैठक या साक्षात्कार अवैध घोषित नहीं किया गया, इसका खुलासा तो स्वयं पर्यवेक्षक जगताप ने भी किया है। 16 नवंबर को उम्मीदवार घोषित किये जाएंगे।

मुंबई तक लग रही दौड़

इच्छुक उम्मीदवार तो अब मुंबई तक दौड़ लगा रहे हैं। 12 नवंबर की बैठक में केदार, मूलक व भोयर तीनों शामिल नहीं हुए थे। यह बताया गया कि वे पार्टी की ही बैठक में मुंबई गए हुए हैं। वहीं कांग्रेस के दूसरे गुट के एक सीनियर कार्यकर्ता का दावा है कि 7 नवंबर को लिए गए साक्षात्कार के नामों को रद्द नहीं करने का जुगाड़ लगाने के लिए नेता मुंबई गए।

केदार की वजनदारी जिले में पार्टी के आलानेताओं को भी मालूम है। भले ही उनके द्वारा आयोजित बैठक व साक्षात्कार को अवैध बताया गया हो लेकिन भीतरखाने की मानें तो जिले में स्थानीय निकाय चुनाव में सफलता उनके नेतृत्व के बगैर नहीं हो पाएगी। इसलिए प्रदेशाध्यक्ष भी उनकी सूची को पूरी तरह नकार नहीं पाएंगे।

वहीं, दूसरे गुट के नेता भी अपने कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारी दिलाने के लिए मुंबई में एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। 12 नवंबर की बैठक में बूटीबोरी के दो पदाधिकारियों के बीच उम्मीदवार के नाम को लेकर अच्छी खासा विवाद खड़ा हो गया था जिसे जगतपा व नाना गावंडे ने शांत करवाया था।

टाइम पर ही मिलेगा एबी फार्म

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 17 नवंबर है। अब तक उम्मीदवारी घोषित नहीं होने के चलते एक ने भी अर्ज दाखिल नहीं किया है। किसी तरह की बगावत न हो, इसलिए ऐन एक दिन पूर्व 16 नवंबर को पार्टी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करेगी। अधिकृत उम्मीदवारों को 16 की रात और 17 की सुबह ऐन वक्त पर ही ए-बी फार्म दिया जाएगा। फिलहाल तो दोनों गुटों के नेता अपने-अपने गुट के कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिलाने की जुगत में गणित बिठा रहे हैं।

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