मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोराडी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर में दर्शन किए।
उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए किसानों के लिए प्रार्थना की।
मंदिर में आधी रात से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगने की जानकारी दी गई।
नवरात्रि उत्सव के दौरान यज्ञ, हवन, जप और दुर्गा सप्तशती के पाठ सहित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
Mahalakshmi Jagdamba Temple Koradi: नवरात्रि माहोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार दोपहर श्री महालक्ष्मी जगदंवा माता के दर्शन किए इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूज अर्थना कर देवी का आशीर्वाद लिया महाराष्ट्र में सूखे की पृष्ठभूमि को देखते हुए राज्य सरकार इस संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है, और किसानों को भी इस कठिन परिस्थिति से लड़ने की शक्ति मिले ऐसी प्रार्थना मुख्यमंत्र कठाणवीस ने देवी के चरणों में की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपस्थित श्रद्धालुओं को नवरात्रि उत्सव शुभकामनाएं दीं। मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का सत्कार किया गया।
इस मौके पर राजस्व मंत्री तथा नामपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर, विधायक परिणय फुके, विधायक राजीव पोतदार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस साल भी नवरात्रि उत्सव शुरुआत हुई है, और दूम्ले दिन माता श्री महालक्ष्मी जगदंबा की स्वयंभू मूर्ति के दर्शन करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ लग रही है।
आधी रात से ही श्रद्धालुओं ने दर्शन के लिए कतारें लगा ली थी जय माता दी और आई जा विजय असों के जयघोष से पूरा मंदि परिसर गूंज उठा।
नवरात्रि उत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम और पूजा विधियाँ जारी रहेंगी। इसलिए आने वाले दिनों में भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
माता श्री महालक्ष्मी जगदंबा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के कारण कोराडी क्षेत्र में एक नई चेतना और ऊर्जा का माहौल बन गया है। श्रद्धा, भक्ति और शक्ति के संगम वाले इस नवरात्रि महोत्सव में 'जय माता दी' के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया है।
विदर्भ सहित महाराष्ट्र राज्य के विभिन्न हिस्सों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में कोराडी पहुंच रहे है, नवरात्रि उत्सव के कारण पूरे क्षेत्र में भवित्, श्रद्धा और धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
अश्विन नवरात्रि उत्सव के उपलक्ष्य में संस्थान में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। देवी की आराधना के लिए यज्ञ, जप और हवन की विधियों संपन्न की जा रही है, और वैदिक मंत्रोच्चार के कारण मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बन गया है।
नवरात्रि उत्सव की पूरी अवधि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ जारी रहेगा, और विभिन्न पूजा विधियों तथा धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से देवी की आराधना की जाएगी।