Nagpur Beer Bar License Bribery: नागपुर चिखलदरा मार्ग पर नरसाला गांव में प्रस्तावित बीयर बार का लाइसेंस जारी करने की एवज में 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अमरावती में एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर को रंगे हाथ दबोचा।
यह कार्रवाई नागपुर की टीम द्वारा की गई जिससे पूरे राज्य उत्पादन शुल्क विभाग में हड़कंप मच गया है। पकड़ा गया अधिकारी आकाश दत्ता जाधव (36) बताया गया। वह एक्साइज विभाग में दुय्यम निरीक्षक पद पर कार्यरत है और अचलपुर में विभागीय कार्यालय है।
जानकारी के अनुसार, 1 शराब व्यवसायी नरसाला गांव में बीयर बार शुरू करने के लिए नया लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में था। आवश्यक दस्तावेजों की पूर्तता करने के बावजूद उसे लाइसेंस के लिए कथित तौर पर लगातार परेशान किया जा रहा था।
10 अगस्त को शिकायतकर्ता की जाधव से मुलाकात हुई। जाधव ने बताया कि फाइल क्लियर करने के लिए उसे 3 लाख रुपये, जबकि विभाग के अधीक्षक गरजे को 5 लाख ऐसे कुल 8 लाख रुपये देने होंगे। रिश्वत की मांग से परेशान व्यवसायी ने 12 अगस्त को अमरावती के बजाय नागपुर एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की प्राथमिक जांच और सत्यापन के दौरान जाधव खुद के लिए 2।50 लाख रुपये लेने को मान गया, सोमवार को जाधव ने शिकायतकर्ता को अचलपुर रोड स्थित एक्साइज विभाग के कार्यालय में बुलाया। यहां एसीबी की टीम ने पहले ही जाल बिछा लिया था, जैसे ही जाधव ने 2 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया।
एसीबी की कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। उसके खिलाफ परतवाड़ा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। डीवाईएसपी भारती गुरनुले के नेतृत्व में इंस्पेक्टर राहुल चव्हाण, राजकिरण येवले, कांस्टेबल प्रफुल भातुलकर, विकेश राऊत, प्रमोद गिरडे और विजय सोलंकी ने कार्रवाई को अंजाम दिया।