चंद्रपुर में 45 वर्षीय वैशाली टिपले की हत्या का आरोप।
49 वर्षीय शिक्षक संतोष भगवान साखरकर गिरफ्तार।
साथ रहने के दबाव को लेकर विवाद होने की बात सामने आई।
नागपुर के डोंगरगांव स्थित मकान में दफनाया गया था शव।
तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने शव बाहर निकाला।
Nagpur Chandrapur Crime Murder Case: चंद्रपुर में कथित प्रेम संबंधों के विवाद में 45 वर्षीय वैशाली टिपले की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि 49 वर्षीय शिक्षक संतोष साखरकर ने हत्या के बाद शव कार की डिक्की में रखा और नागपुर के डोंगरगांव स्थित अपने मकान में दफना दिया। बाद में आरोपी ने खुद पुलिस के पास पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
नागपुर, कथित प्रेम संबंधों में विवाद के चलते हत्या का एक मामला सामने आया है। चंद्रपुर में 45 वर्षीय महिला की हत्या करने के बाद उसका शव नागपुर के वर्धा रोड स्थित डोंगरगांव परिसर में दफनाने का आरोप एक शिक्षक पर लगा है। पुलिस ने आरोपी संतोष भगवान साखरकर (49) को गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान वैशाली विलास टिपले (45) के रूप में हुई है। दोनों चंद्रपुर के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बाद में खुद थाने पहुंचकर हत्या की जानकारी दी। इसके बाद चंद्रपुर पुलिस ने नागपुर पहुंचकर हिंगना पुलिस की मदद से शव को बाहर निकलवाया।
जानकारी के अनुसार, संतोष पेशे से शिक्षक है और विवाहित है। उसके बच्चे भी हैं। वैशाली भी विवाहित थी, लेकिन उसके पति ने उसे छोड़ दिया था। दोनों के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है।
बताया जाता है कि पिछले कुछ समय से वैशाली संतोष पर साथ रहने के लिए दबाव डाल रही थी। परिवार होने के कारण संतोष इसके लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर को दोनों चंद्रपुर के पठानपुरा रोड क्षेत्र में संतोष की कार से गए थे। वहां साथ रहने को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान संतोष ने वैशाली का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव कार की डिक्की में रख दिया।
बताया जाता है कि आरोपी ने शव रातभर कार की डिक्की में रखा। अगले दिन वह शव लेकर नागपुर के वर्धा रोड स्थित डोंगरगांव के आधार नगरी परिसर में पहुंचा। आरोपी ने वहां निवेश के उद्देश्य से मकान खरीदा था। मकान में पानी की टंकी बनाने के लिए पहले से गड्ढा खोदा गया था। आरोप है कि उसने उसी गड्ढे में शव डालकर मिट्टी से ढक दिया।
कुछ समय बाद आरोपी को अपने किए पर पछतावा होने की बात सामने आई। इसके बाद वह खुद पुलिस थाने पहुंचा और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने वैशाली के परिजनों से संपर्क किया और आगे की कार्रवाई शुरू की।
चंद्रपुर पुलिस निरीक्षक श्याम गव्हाणे अपनी टीम के साथ नागपुर पहुंचे। हिंगना के थानेदार प्रमोद घोंगे और उनकी टीम की सहायता से तहसीलदार की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया। यह प्रक्रिया रातभर चली और रविवार सुबह करीब 6 बजे चंद्रपुर पुलिस शव लेकर रवाना हुई। कार्रवाई के दौरान मृतका का बेटा भी मौजूद था। बताया गया कि उसे इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।