

नासिक में 25 अक्टूबर को शाम 5 बजे गोदावरी तट पर 501 शंखवादक करेंगे शंखनाद।
अनंत विजय शंखनाद संस्था के आयोजन से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास।
31 अक्टूबर को 6,500 आदिवासी भाई-बहनों के हाथों महा गोदा आरती कराने की तैयारी।
राष्ट्रपति की संभावित उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां।
रामतीर्थ गोदावरी सेवा समिति और पुरोहित संघ के बीच संयुक्त आरती को लेकर संशय।
Nashik Guinness World Record Shankhnaad Tribal Participation: नासिक में सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण से पहले 25 अक्टूबर को गोदावरी तट पर 501 शंखवादक एक साथ शंखनाद कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे। वहीं, 31 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की संभावित उपस्थिति में 6,500 आदिवासी भाई-बहनों के हाथों महा गोदा आरती आयोजित करने की तैयारी है। हालांकि, आरती के आयोजन को लेकर रामतीर्थ गोदावरी सेवा समिति और पुरोहित संघ के बीच सहमति पर अभी संशय बना हुआ है।
सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण की तैयारियों के बीच नासिक में एक भव्य शंखनाद आयोजन की योजना बनाई गई है। आगामी 25 अक्टूबर को शाम 5 बजे गोदावरी नदी के तट पर अनंत विजय शंखनाद संस्था के 501 शंखवादक एक साथ शंखनाद करेंगे। आयोजकों का लक्ष्य इस सामूहिक शंखनाद को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने का है।
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण के कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने इस आयोजन की जानकारी दी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन और आयोजक व्यापक तैयारियां कर रहे हैं। सभी 501 शंखवादक ताल, लय और समय का तालमेल बैठाने के लिए प्रतिदिन करीब दो घंटे अभ्यास कर रहे हैं।
शंखनाद आयोजन के बाद 31 अक्टूबर को गोदावरी तट पर महा गोदा आरती आयोजित करने की तैयारी है। इसमें 6,500 आदिवासी भाई-बहनों के शामिल होकर आरती करने की योजना है। आयोजकों का लक्ष्य इस आयोजन को भी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना है।
रामतीर्थ गोदावरी सेवा समिति और गंगा गोदावरी पंचकोठी पुरोहित संघ के संयुक्त प्रयास से आरती आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन दोनों संगठनों को एक मंच पर लाने और कार्यक्रम में समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।
आरती के आयोजन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पूरी तरह सुलझने पर अभी संशय बना हुआ है। खबर के अनुसार, अभिभावक मंत्री ने विवाद सुलझने और एक ही आरती आयोजित होने की बात कही थी। हालांकि, कुंभमेला प्राधिकरण की संयुक्त पत्रकार वार्ता में पुरोहित संघ की अनुपस्थिति से स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
बड़ी संख्या में सहभागियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उनके भोजन, कपड़े बदलने और आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए केटीएचएम कॉलेज में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
31 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की संभावित उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं। प्रवेश व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और अन्य सुरक्षा पहलुओं पर संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर एक साथ ध्वजारोहण प्रस्तावित है। इसके साथ सिंहस्थ कुंभ पर्व के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा होगी। उसी दिन शाम 6 बजे रामकुंड पर महा गोदा आरती आयोजित करने की योजना है।