नागपुर-भंडारा-गोंदिया एक्सप्रेस-वे  प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
नागपुर

नागपुर-भंडारा-गोंदिया एक्सप्रेस-वे की राह साफ, 80% जमीन अधिग्रहण पूरा, 4 तहसीलों से गुजरेगा 162 KM का कॉरिडोर

Nagpur Expressway: नागपुर-भंडारा-गोंदिया एक्सप्रेस-वे के लिए नागपुर जिले में 80 फीसदी जमीन अधिग्रहण पूरा हो गया है। 162।37 किमी लंबा कॉरिडोर चार तहसीलों से होकर गुजरेगा।

प्रमोद यादव

Nagpur Bhandara Gondia Expressway: नागपुर, उपराजधानी नागपुर से भंडारा और गोंदिया के बीच तेज रफ्तार कनेक्टिविटी का रास्ता अब जमीन पर आकार लेने लगा है। नागपुर-भंडारा-गोंदिया एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे के लिए नागपुर जिले में 575.79 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) के अधिकारियों के अनुसार इसमें से करीब 80 फीसदी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष जमीन के अधिग्रहण की कार्यवाही जारी है। यह एक्सप्रेस-वे नागपुर जिले की नागपुर ग्रामीण, उमरेड, कुही और मौदा तहसील से होकर आगे भंडारा और गोंदिया जिले की ओर जाएगा।

करीब 162.37 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पूर्वी विदर्भ के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना माना जा रहा है। इसके बनने के बाद नागपुर से भंडारा और गोंदिया की कनेक्टिविटी अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है।

परियोजना का निर्माण

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास कॉर्पोरेशन MSRDC द्वारा किया जा रहा है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए नागपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों में कुल 1,620.98 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है।

इसमें अकेले नागपुर जिले की हिस्सेदारी 575.79 हेक्टेयर की होगी। यानी पूरे प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक भूमि में लगभग 35।5 फीसदी जमीन नागपुर जिले से ली जानी है। अधिकारियों के अनुसार, कुल भूमि अधिग्रहण में करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

इस आधार पर लगभग 1,296.78 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा होने का अनुमान है, जबकि करीब 324.20 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बाकी रहने की संभावना है। इससे जल्द ही इस परियोजना के आकार लेने की संभावना है।

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और उससे जुड़े कार्य

बता दें कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और उससे जुड़े कार्यों के लिए 3,162.18 करोड़ की वित्तीय व्यवस्था की गई है। इसी वर्ष महाराष्ट्र सरकार ने एमएसआरडीसी द्वारा हुडको से लिए जाने वाले ऋण के लिए राशि की सरकारी गारंटी को मंजूरी दी थी।

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने के बाद अब नजर इसके वास्तविक निर्माण कार्य पर है। करीब 80 फीसदी भूमि अधिग्रहण पूरा होने का दावा सामने आने के बाद शेष जमीन कब तक उपलब्ध होती है और निर्माण कार्य किस गति से शुरू होता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

नागपुर जिले की 575।79 हेक्टेयर जमीन इस पूरे एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद नागपुर जिले में परियोजना के निर्माण की स्थिति भी इसका अहम पैमाना होगी।

4 तहसीलों की जमीन पर बनेगा मार्ग

नागपुर जिले में एक्सप्रेस-वे का मार्ग 4 तहसीलों से जुड़ा है। इनमें नागपुर ग्रामीण, उमरेड, कुही और मौदा शामिल हैं। परियोजना के शुरुआती पैकेज एक नागपुर में गावसी से चनोडा तक का लगभग 29।4 किलोमीटर हिस्सा शामिल है।

इसके बाद मार्ग कुही और मौदा क्षेत्र से होते हुए भंडारा जिले की ओर बढ़ेगा। नागपुर जिले में भूमि अधिग्रहण के लिए विभिन्न गांवों में अधिसूचनाएं और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी चल रही है। इससे स्पष्ट है कि परियोजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है,

162 किमी का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

नागपुर-भंडारा-गोंदिया एक्सप्रेस-वे को ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 162.37 किमी लंबे इस मार्ग का उद्देश्य नागपुर को पूर्वी विदर्भ के महत्वपूर्ण शहरों और क्षेत्रों से तेज सडक संपर्क देना है।

प्रस्तावित मार्ग नागपुर से निकलकर भंडारा होते हुए गोंदिया तक पहुंचेगा। इससे भंडारा, तिरोड़ा और गोंदिया क्षेत्र को नागपुर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह मार्ग विदर्भ के कृषि, औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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